आयुर्वेद विवि में गड़बड़ी का केस: नियम विरुद्ध नियमितिकरण और पदोन्नति पर FIR के आदेश, विजिलेंस करेगी कार्रवाई
देहरादून के आयुर्वेद विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध नियमितिकरण और पदोन्नति के मामले में विजिलेंस जल्द प्राथमिकी दर्ज करेगी। शासन से अनुमति मिल चुकी है। पूर्व में भी यहां घोटालों की जांच हो चुकी है और अब जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
देहरादून में आयुर्वेद विवि में कर्मचारियों के नियम विरुद्ध नियमितिकरण और पदोन्नति के मामले में विजिलेंस प्राथमिकी दर्ज करेगी। पिछले दिनों हुई सतर्कता समिति की बैठक में विजिलेंस को प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। इसके लिए शुक्रवार को शासन ने अनुमोदन भी कर दिया है।
हर्रावाला स्थित आयुर्वेद विवि कई बार विवादों में रहा है। सामग्री खरीद फरोख्त व अन्य घोटाले में वर्ष 2022 में जांच शुरू की गई थी। इसके बाद शासन के आदेश पर विजिलेंस ने वर्ष 2023 में जिम्मेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में विजिलेंस चार्जशीट भी दाखिल चुकी है। दूसरा मामला पिछले साल सामने आया था। यह मामला वर्ष 2012-13 में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के नियमतिकरण से जुड़ा है। आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों के विरुद्ध जाकर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों का नियमितिकरण कर दिया था।
इसी के साथ यह बात भी सामने आई कि यहां पर वर्ष 2014-15 में कई कर्मचारियों को पदोन्नति भी नियमों के खिलाफ जाकर दी गई थी। इस प्रकरण में भी विजिलेंस जांच की गई। पिछले दिनों मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई सतर्कता समिति की बैठक हुई थी। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसके बाद आयुर्वेद विवि के इस प्रकरण में भी प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए गए। शासन के सूत्रों ने बताया कि अब शुक्रवार को प्राथमिकी के लिए लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस मामले में प्राथमिक जांच के बाद अधिकारियों और अन्य जिम्मेदारों को नामजद किया जाएगा।
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