*महिला अधिकारों के हनन पर देवभूमि के आक्रोश का प्रकटीकरण है सत्र: भट्ट*
*महिला अधिकरण पर देवभूमि की भावनाओं, इच्छाओं का सम्मान है विशेष सत्र!*
*विपक्ष के पास मातृ शक्ति सम्मान में खड़े होने का आखिरी अवसर है सत्र!*
*सत्र में समर्थन दे कांग्रेस, अन्यथा 27 में खाता नही खुलने वाला : भट्ट*
देहरादून । भाजपा ने कल होने वाले विशेष सत्र को महिला अधिकारों के हनन पर देवभूमि के आक्रोश का प्रकटीकरण बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने प्रदेश कांग्रेस विधायकों को सुझाव दिया कि उनके पास आखिरी मौका है, अपने केंद्रीय नेताओं से उलट महिला हितों में प्रस्ताव का समर्थन करने का। अन्यथा इस बार 27 के चुनावों में मातृ शक्ति, कांग्रेस को खाता भी नहीं खोलने देगी
उन्होंने कहा, जो कुछ संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ अन्याय किया गया वो अक्षम्य है। हालांकि कांग्रेस और विपक्ष की कभी भी मातृ शक्ति को अधिकार सम्पन्न बनाने की नीयत नहीं रही है। पहले 60 साल सरकार में रहते महिला आरक्षण के मुद्दे को दबाए रखा और जब भाजपा ने समर्थन से राज्यसभा में पास कराया तो लोकसभा में विधेयक पेश ही नहीं किया। लेकिन इस बार संसद में महिला आरक्षण की खिलाफत में कांग्रेस और विपक्ष ने किया उससे महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश है। जनता, महिला अधिकारों का विरोध करने वाली मानसिकता को लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाना चाहती है। देवभूमि की माता बहिनों की भावनाओं और इच्छाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के आवाज को देश में पहुंचाने के लिए विशेष सत्र का आयोजन हो रहा है।
उन्होंने कांग्रेस विधायकों को सुझाव देते हुए कहा कि इस सत्र का वे मातृ शक्ति के सम्मान में खड़े होने के आखिरी अवसर के रूप में करें। क्योंकि जो कुछ उनके केंद्रीय नेतृत्व ने संसद में किया वह पूर्णतया अक्षम्य है, लेकिन शायद सदन में माफी के बाद स्थानीय विधायकों की सजा कुछ कम हो जाए। अन्यथा प्रदेश की जनता विशेषकर मातृ शक्ति कांग्रेस और विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से करारा सबक सिखाने के लिए तत्पर है। जिस तरह का गुस्सा महिलाओं और प्रदेशवासियों में विपक्षी गद्दारी को लेकर है, उससे तो कांग्रेस का इस बार 27 के चुनावों में खाता खुलना भी असंभव है।
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