रैली में हजारों की भीड़ देख गदगद हुए कांग्रेसी, नेताओं ने संबोधन से ज्यादा कूच को दी तवज्जो
परेड ग्राउंड में कांग्रेस नेताओं का संबोधन भी नहीं हो पाया और करीब सवा एक बजे मंच से लोकभवन कूच की घोषणा कर दी गई।
लोकभवन घेराव रैली मेें जुटी भीड़ देख कांग्रेसी गदगद दिखे। नेताओं ने संबोधन से ज्यादा कूच को तवज्जो दी। रैली के लिए सोमवार को सुबह 11 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। परेड ग्राउंड में कांग्रेस नेताओं का संबोधन भी नहीं हो पाया और करीब सवा एक बजे मंच से लोकभवन कूच की घोषणा कर दी गई।
घोषणा होते ही ढोल-दमाऊ की थाप और उत्तराखंडी गानों पर नाचते-गाते हुए कांग्रेसियों की भीड़ लोकभवन की तरफ बढ़ी। राजपुर रोड होते हुए जोश के साथ सभी हाथीबड़कला पहुंचे। यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक लिया। करीब दो घंटे तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्कामुक्की चलती रही। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहला बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए और आगे मुख्य बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। इस दौरान हुई धक्कामुक्की में एक कांग्रेसी के सिर में चोट आई
कुछ लोगों ने आरोप लगा दिया कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस पर मुख्य बैरिकेडिंग के पास बैठे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल वहां से पहली बैरिकेडिंग की तरफ लौट गए। प्रदेश अध्यक्ष के आते ही गुस्साए कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और दोबारा आखिरी बैरिकेडिंग तक जा पहुंचे।
अपने-अपने नेता को मजबूत दिखाने की होड़
रैली के दौरान वरिष्ठ नेताओं के अपने-अपने दल बन गए। कार्यकर्ताओं में कांग्रेस एक की भावना कम लेकिन अपने-अपने नेता को चमकाने की भावना अधिक नजर आई। कोई किसी विधायक की जय करता दिखा तो कोई कुमाऊं, हरिद्वार, चकराता की तरफ के नेताओं की। कांग्रेस जिंदाबाद से ज्यादा यहां पर कांग्रेसी अपने-अपने नेता की जय-जयकार में लगे थे। परेड ग्राउंड से रैली विभिन्न दलों में बंटकर चली। इसी तरह अलग-अलग इलाकों से आए लोग अपने-अपने नेता के नेतृत्व में रैली का हिस्सा बने।
काम नहीं आया डायवर्जन, लगा भीषण जाम
कांग्रेस की रैली के चलते शहर के कई हिस्सों में जाम रहा। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस सुबह से ही जुटी रही। पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान भी बनाया था लेकिन इसके बाद भी प्रिंस चौक से लेकर घंटाघर और राजपुर रोड पर भारी जाम लगा रहा। लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दिखा अलग अंदाज, स्कूटर पर पहुंचे
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपने अलग अंदाज में दिखे। उन्होंने पैदल या गाड़ी का सहारा नहीं लिया। वह स्कूटर पर सवार हो गए। स्कूटर की पिछली सीट पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री ने सबका अभिवादन स्वीकार किया और अपने अंदाज में मुस्कुराते हुए हाथीबड़कला पहुंचे।
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