DEHRADUN NEWS

Big breaking:-ईज ऑफ लिविंग व म्यूनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स में दून पिछड़ा , एसडीसी फाउंडेशन ने जारी की दूसरी फैक्टशीट

 

देहरादून

सोशल डेपलपमेंट फॉर कम्यूनिटी (एसडीसी) फाउंडेशन ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ‘उत्तराखंड अर्बन एजेेंडा-2022 के तहत दूसरी फैक्सशीट जारी कर दी है। इस फैक्टशीट में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई) 2020 और म्यूनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स (एमपीआई) 2020 में मिली रैंकिंग के आधार पर राज्य के शहरी हालात का विश्लेषण किया गया है। हालांकि इन दोनों इंडेक्स में राज्य के केवल एक शहर देहरादून को ही शामिल किया गया है। लेकिन, संस्था का मामना है कि देहरादून जिस तरह का प्रदर्शन और प्रयास करेगा, राज्य के दूसरे शहर और कस्बे भी सम्भभवता उनका अनुकरण करेंगे।

 

 

 

एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल के अनुसार उनके फाउंडेशन ने हाल में उत्तराखंड अर्बन एजेंडा-2022 अभियान शुरू करने की जानकारी दी थी। इस अभियान के तहत राज्य में विभिन्न शहरी मुद्दों को लेकर अलग-अलग फैक्टशीट जारी की जाएंगी। तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित ये फैक्टशीट विभिन्न राजनीतिक दलों को भेजी जाएंगी ताकि वे सतत शहरीकरण के इन प्रमुख मुद्दों को अपने मेनिफेस्टो में उचित स्थान दे सकें।

 

 

 

 

*ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (ईओएलआई) कांसेप्ट*

एसडीसी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने बताया कि  ईओएलआई शहरों में जीवन स्तर, आर्थिक क्षमता, स्थिरता और नागरिक सर्वेक्षण के आधार पर तय किये गये हैं। इसमें 13 श्रेणियों मे शहरों का आकलन किया गया है। इस इंडेक्स में 10 लाख से कम और 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की दो श्रेणियां बनाई गई हैं।

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10 लाख से ज्यादा आबादी वाले 49 शहरों में बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।

10 लाख से कम आबादी वाले 62 शहरों देहरादून भी शामिल है। इस श्रेणी में शिमला पहले स्थान पर रहा। भुवनेश्वर दूसरे और सिलवासा तीसरे स्थान पर रहे। देहरादून को 62 शहरों मे 29वीं रैंक मिली।

 

 

 

 

*ईओएलआई के देहरादून परिणाम*

– ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स में देहरादून ने 100 में से 52.41 अंक हासिल किए।
– स्थिरता मानक में देहरादून 56.93 अंक हासिल करके 62 शहरों में से 15 वें स्थान पर रहा।
– नागरिक सर्वेक्षण मानक में देहरादून को 62 शहरों में से 75.30 अंक के साथ 33 वें स्थान पर रखा गया।
– आर्थिक क्षमता मानक में देहरादून को 62 शहरों में से 6.65 अंकों के साथ 34वां स्थान मिला।
– जीवन स्तर मानक में देहरादून 49.81 अंक के साथ 62 शहरों में से 41वें स्थान पर रहा।

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*म्यूनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स (एमपीआई) कांसेप्ट*

इसके तहत देश के प्रमुख निकायों का पांच मानकों प्लानिंग, फाइनेंस, गवर्नेंस, सर्विस और टेक्नोलॉजी मे आकलन किया गया है।

अनूप नौटियाल ने बताया कि म्यूनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स (एमपीआई) में 10 लाख से ज्यादा आबादी की श्रेणी में इंदौर को पहली, सूरत को दूसरी और भोपाल को तीसरी रैंक मिली। 10 लाख से कम आबादी वाली श्रेणी में नई दिल्ली नगर परिषद को पहली रैंक मिली। तिरुपति दूसरे और गांधीनगर तीसरे स्थान पर रहे। इस सेगमेंट में देहरादून का बहुत खराब प्रदर्शन रहा । 10 लाख से कम आबादी वाले 60 शहरों में दून को 47वीं रैंक पाकर संतोष करना पड़ा।

 

 

 

 

*एमपीआई के देहरादून परिणाम*

– म्यूनिसिपल परफार्मेंस इंडेक्स में देहरादून ने 100 में से 36.74 अंक हासिल किए।
– प्लांनिंग इंडिकेटर में देहरादून 53.73 अंकों के साथ 60 शहरों में से दूसरे स्थान पर रहा।
– फाइनेंस इंडिकेटर में देहरादून को 60 शहरों में 48.58 अंकों के साथ 42वां स्थान मिला।
– गवर्नेंस इंडिकेटर में देहरादून को 31.32 अंक के साथ 60 शहरों में 49वां स्थान मिला।
– सर्विस में देहरादून को 60 शहरों में 38.92 अंक के साथ 50वां स्थान मिला।
– टेक्नोलॉजी में देहरादून 6.79 अंक के साथ 60 शहरों में से 59वें स्थान पर रहा।

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*विश्लेषण और सुझाव*

अनूप नौटियाल के अनुसार इन दोनों इंडेक्स में देहरादून को औसत से कम रैंकिंग मिली है। रहने योग्य परिस्थितियों के मामले में देहरादून देश के 62 शहरों में शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल नहीं रहा है। जबकि देहरादून की जैसी परिस्थितियों वाले शहर शिमला ने पहली रैंक हासिल की है। म्यूनिसिपल परफार्मेंस इंडेक्स में देहरादून का प्रदर्शन और भी खराब रहा है। दून 60 शहरों में  47वें स्थान पर है।

 

 

 

 

अनूप नौटियाल के अनुसार इस इंडेक्स के नतीजों से सीख लेकर उत्तराखंड सरकार को सतत शहरीकरण मे कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में कार्य करना चाहिए। इसके साथ ही शहरी विकास को गति देने और स्थानीय शासन में दक्षता बढ़ाने के प्रयास में तेजी से जुट जाना चाहिए। ईओएलआई सूचकांक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। इस लक्ष्यों में देहरादून शहर के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य की स्थिति चिंताजनक है। नीति आयोग के एसडीजी शहरी सूचकांक में भी देहरादून 56 शहरों में से 35वें स्थान पर है।

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