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Big news:-रोडवेज़ के खराब हालातो को ऐसे सुधरेगी सरकार , ये तमाम फैसले करेंगे क्या कमाल ?

उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों के लिए परिवहन निगम स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को लेकर आएगा। निगम 600 बसों को सीएनजी में बदलेगा। बसों में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी, जीपीएस डिवाइस लगाई जाएंगी। हाल में हुई परिवहन निगम की 29वीं बोर्ड बैठक में ऐसे ही कई अहम फैसले लिए गए।परिवहन निगम की अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि बोर्ड ने तय किया कि सभी निगम कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए विशेष शिविर लगाकर कोविड-19 वैक्सीनेशन कराई जाएगी। डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर निगम ने तय किया है कि 600 रोडवेज बसों को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा। इस पर बैठक में सैद्धांतिक सहमति बन गई है, जिसके लिए आवश्यक धनराशि की शासन से मांग की जाएगी।

इसकी निविदा भी तत्काल करने के निर्देश दिए गए। निगम की बोर्ड बैठक में इच्छुक कर्मचारियों को वीआरएस देने के संबंध में सैद्धांतिक सहमति बनी। इसके लिए वीआरएस लेने पर विशेष लाभ दिया जाएगा लेकिन जिस पद से कर्मचारी वीआरएस लेगा वह फ्रीज हो जाएगा। वीआरएस के लिए आवश्यक धनराशि की मांग का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए देहरादून स्थित गांधी रोड बस स्टेशन, मंडलीय प्रबंधक कार्यालय एवं हरिद्वार रोड स्थित कार्यशाला को नीलामी के माध्यम से बेचने पर बोर्ड बैठक में सैद्धांतिक सहमति दी गई।

इसके लिए शासन से अनुुमति लेने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इन तीनों संपत्तियों के लिए अभी तक एमडीडीए ने सर्किल रेट का दोगुना यानी 153 करोड़ रुपये मूल्य लगाया है। तय किया गया है कि बाजार में ऑक्शन किया जाएगा। इसके बाद दोनों में से जो भी रकम ज्यादा होगी, उसे ही यह संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी।बोर्ड बैठक में महिलाओं, यात्रियों एवं सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सभी रोडवेज बसों में सीसीटीवी तथा जीपीएस लगाने की सहमति दी गई है।

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यात्री टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग रेड बस, मेक माय ट्रिप, पेटीएम, एमेजॉन, आईआरसीटीसी और गो-ईबिबो के माध्यम से करने के बाद बस ट्रेकिंग की सुविधा देने पर भी सहमति दे दी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए निगम की ओर से हेल्पडेस्क और 24 घंटे का आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी बोर्ड ने सहमति दी है। परिवहन निगम में फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम, इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम, इंटिग्रेटेड टिकटिंग सिस्टम और फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम को ईआरपी सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराने पर बोर्ड बैठक में मुहर लगी है।

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