सोनीपत से बुक कर लाई ऊबर कैब को दो बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर लूटा, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
बालावाला से दोनाली- रायपुर मार्ग पर वारदात को अंजाम दिया गया था। चालक इमरान अहमद निवासी लोनी गाजियाबाद ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे जानकारी ली तो पता चला कि वह दो युवकों को सोनीपत के मुर्थल से देहरादून ला रहा था।
हरियाणा के सोनीपत से बुक कर लाई गई ऊबर कैब को दो बदमाशों ने (यात्री) ने शनिवार देर रात देहरादून में बालावाला से रायपुर के बीच लूट लिया। दोनों ने चालक को पैसे देने के लिए कैब से उतारा और पिस्तौल दिखाकर कैब लूटकर भाग गए। चालक ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में छानबीन शुरू की गई। लेकिन, कैब लेकर भागे यात्री का कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस को यात्री के बारे में ऊबर से भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। यही नहीं चालक के पास भी उसकी कोई खास जानकारी नहीं है। हालात ये हैं कि घटना के करीब 18 घंटे बाद भी पुलिस तमाम कहानियों के बीच उलझी हुई है।
घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे हुई। एसपी देहात-1 जया बलोनी ने बताया कि बालावाला से दोनाली- रायपुर मार्ग पर वारदात को अंजाम दिया गया था। चालक इमरान अहमद निवासी लोनी गाजियाबाद ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे जानकारी ली तो पता चला कि वह दो युवकों को सोनीपत के मुर्थल से देहरादून ला रहा था। उन्हें यहां चक्की नंबर चार के पास छोड़ना था। चक्की नंबर चार के पास आकर युवकों ने कार रुकवाई और चालक को पैसे लेने के लिए कहा। चालक कार रोककर नीचे उतर गया। ये दोनों युवक भी नीचे उतरे और चालक की कनपटी से पिस्तौल सटाकर उसे वहां से भाग जाने को कहा। इसके बाद दोनों युवक कार लेकर भाग निकले। एसपी देहात ने बताया कि जिस रूट से चालक आना बता रहा है वहां के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा रही है।
चालक को इन दोनों के नाम तक तक नहीं पता हैं। इसके लिए जब ऊबर से संपर्क किया गया तो उन्होंने रविवार का दिन होने का हवाला देते हुए जानकारी देर से उपलब्ध कराने की बात कही है। अभी तक ऊबर की ओर से भी कोई जानकारी नहीं आई है। फिलहाल सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ही जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कार मुर्थल से वाया सहारनपुर और आईएसबीटी के रास्ते रायपुर क्षेत्र में पहुंची थी। एसपी के मुताबिक अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
जीपीएस भी नहीं है कैब में
जो कैब लूटी गई उसमें जीपीएस भी नहीं लगा है। ऐसे में यह बात भी पुलिस के लिए उलझन भरी है। जबकि, ऊबर जैसी कंपनियां जो कैब संचालित करती हैं वह एप आधारित सेवाएं होती हैं। ऐसे में सभी गाड़ियों में जीपीएस भी लगा होता है। ऐसे में माना यह भी जा रहा है कि कैब बुक कर लाए यात्री को इस बात का पता होगा कि इसमें जीपीएस नहीं है। यही कारण रहा है कि उसने इस दुस्साहसी घटना को अंजाम दिया।
ऊबर के अलावा दो और कंपनी में रजिस्टर्ड है कैब
चालक यह कैब किसी शिव कुमार गुप्ता की कार किराये पर लेकर चलाता है। शिव कुमार गुप्ता से भी पुलिस ने बात की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी यह कार ऊबर के अलावा ओला और रैपिडो में भी रजिस्टर्ड है। एसपी देहात ने बताया कि मालिक के अनुसार चालक उन्हें कभी कभार पांच-छह हजार रुपये दे देता है। इसके अलावा उनका चालक से ज्यादा संपर्क नहीं रहता है।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 न्यूज़ हाइट के समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें
👉 न्यूज़ हाइट से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें
👉 न्यूज़ हाइट के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारी इन वैबसाइट्स से भी जुड़ें -
