19 अप्रैल से शुरू हो रही यात्रा, इस बार ऑनलाइन पंजीकरण के लिए चुकाना होगा शुल्क
इस वर्ष 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम 23 अप्रैल को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे।
चारधाम यात्रा के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए लोगों को शुल्क चुकाना होगा। जल्द ही शुल्क का निर्धारण कर लिया जाएगा। इसके लिए अपर आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। एक दो-दिन के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सोमवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय व आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने चारधाम के होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और डंडी कंडी एसोेसिएशन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। आयुक्त ने कहा कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। इस दौरान तय किया गया कि फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए न्यूनतम 10 रुपये शुल्क लगाया जाए। जल्द ही शासन से अनुमति मिलने के बाद शुल्क तय कर दिया जाएगा। इस दौरान होटल व्यवसायियों ने धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या की वैधता खत्म करने की मांग की
बताया कि होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों की ओर से उठाई गई व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियां प्राप्त होते ही एक-दो दिन के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, हालांकि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण के पहले होटल बुक कराने वाले यात्रियों का पंजीकरण प्राथमिकता से किया जाएगा।
स्थानीय वाहनों को मिलेगी प्राथमिकता
टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हरिद्वार के कुछ ट्रैवल एजेंट दूसरे राज्यों से वाहनों को हरिद्वार में बुला लेते हैं। हरिद्वार में एक स्थान से इन वाहनों का संचालन चारधाम यात्रा के लिए होता है। इन वाहनों से मनमाने दामों पर चारधाम यात्रियों को ढोया जाता है जिससे स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को नुकसान होता है। नेगी ने केयर ऑफ(दूसरे राज्य के वाहन स्वामी के वाहन को स्थानीय व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड) पंजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। आयुक्त ने परिवहन व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराये पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रशिक्षित कर्मी किए जाएं तैनात
होटल व्यवसायियों ने बताया कि पंजीकरण कराने वाली कंपनी के कंट्रोल रूम में जो कर्मचारी तैनात होते हैं उन्हें चारधाम यात्रा रूट की भौगोलिक स्थिति का पता नहीं होता। इसलिए प्रशिक्षित कर्मचारी ही वहां तैनात किए जाएं जिससे यात्रियों को बेहतर जानकारी मिल सके।
सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत
यातायात कंपनी के अध्यक्ष नवीन रमोला ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान जाम से बचने के लिए सिंचाई विभाग ने इंद्रमणि बडोनी चौक से चंद्रभागा नदी के किनारे एक सड़क बनाई थी। अब यह सड़क ईंट सप्लायरों, ट्रक स्वामियों, बस धुलाई सेंटरों के स्वामियों के कब्जे में है। पुलिस की ओर नियमित चेकिंग न करने से आईएसबीटी पार्किंग में खड़ी बसों की बैटरी चोरी हो रही हैं। आईएसबीटी से चंद्रभागा पुल तक दिनभर वाहन पार्क रहते हैं।
प्राइवेट वाहनों के भी बनें ट्रिप कार्ड
उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेंजेटेटिव्स एसोसिएशन(उत्तरा) के अध्यक्ष प्रशांत मैठाणी ने गढ़वाल आयुक्त को ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंनेे प्राइवेट वाहनों के भी ट्रिप कार्ड जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कई लोग अपने निजी वाहनों से सवारी ढोते हैं। निजी वाहनों के कारण धामों में भीड़ बढ़ जाती है। ट्रिप कार्ड बनने से भीड़ कम होगी।
बैठक में यह रहे उपस्थित
जितेंद्र नेगी, नवीन रमोला, मनोज ध्यानी, मेघ सिंह चौहान,भूपाल सिंह नेगी, गजेंद्र नेगी, भजन सिंह चौहान, प्रवेंद्र चौहान, राजेश मेहता, रजनीश मेहता, नवीन तिवाड़ी आदि उपस्थित रहे।
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