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Big breaking:-सचिवालय कर्मियों की लंबित मांगो को लेकर अध्यक्ष सचिवालय संघ ने सीएम धामी को सौपा ज्ञापन , सीएम ने अधिकारियों को दिए संघ के पदाधिकारियों को बुलाकर वार्ता करने के निर्देश

 

उत्तराखंड सचिवालय संघ के पदाधिकारियों ने आज अध्यक्ष दीपक जोशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और सचिवालय कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र सौंपा वही मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को सचिवालय संघ को बुलाकर वार्ता करने के निर्देश दिए हैं इससे पहले सचिवालय संघ ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर साफ कहा कि
स्व0  प्रकाश पन्त , तत्कालीन वित्त मंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड अधिकारी कमर्चारी शिक्षक समन्वय समिति के साथ सम्पन्न बैठक में सचिवालय संघ के प्रमुख लीड रोल एवं प्रतिनिधित्व को देखते हुये कामिर्कों की काॅमन मांगों पर इस बैठक में बनी पूर्व सहमति के सन्दर्भ में होने वाली अधिकारिक बैठकों में सचिवालय संघ को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किये जाने के सम्बन्ध मे आज सचिवालय संघ की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री जी एवं अन्य सक्षम अधिकारियों को अनुरोध पत्र भेजा गया है, जिसमें दिनांक 5.08.2021 को सचिवालय संघ एवं सचिवालय के सभी संवर्गीय संघो के पदाधिकारियों की सम्पन्न बैठक में सवर्सम्मति से लिये गये निणर्यानुसार राज्य में तत्समय गठित उत्तराखण्ड अधिकारी कमर्चारी शिक्षक समन्वय समिति, जिसमें सचिवालय संघ प्रमुख भूमिका में रहा है, के साथ दिनांक 31.01.2019 को स्व0  प्रकाश पन्त, तत्कालीन वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई उच्च स्तरीय समझौता बैठक में सचिवालय सहित प्रदेश के कामिर्कों के common issues पर लिखित समझौता हुआ है, जो प्रदेश कामिर्कों सहित सचिवालय कामिर्कों के सेवा हितों से भी आच्छादित है, के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में होने वाली प्रत्येक बैठकों में सचिवालय संघ की प्रतिभागिता रहेगी।

आज प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अन्य सभी सक्षम अधिकारियों को भेजे गये पत्र के सन्दर्भ में सचिवालय संघ के अध्यक्ष  दीपक जोशी एवं महासचिव  विमल जोशी द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सचिवालय संघ राज्य की सर्वोच्च कायार्लय इकाई का एक गरिमामयी व मजबूत संघ है, जिसका प्रदेश के किसी भी संगठन, संघ, परिसंघ से प्रत्यक्ष रूप से कोई सरोकार नहीं है तथा न ही सचिवालय संघ को ऐसे किसी संघ, परिसंघ के समथर्न आदि की ही कभी आवश्यकता रही है तथा न ही भविष्य में रहेगी। सचिवालय संघ अपने सेवा संवर्ग के सदस्यों के सेवा हितों के संरक्षण एवं लम्बित मांगों को पूरा कराने हेतु पूर्ण रूप से सक्षम है।

यह भी बताया गया है कि सचिवालय संघ की प्रदेश के किसी भी सेवा संघ आदि से कभी कोई तुलना नही रही है तथा न ही ऐसे किसी संगठन, मंच, मोचार्, समिति आदि को भविष्य में सचिवालय संघ से कोई समथर्न अथवा इस प्रकार का कोई सांगठनिक सहयोग ही दिया जायेगा, परन्तु पूर्व में उत्तराखण्ड अधिकारी कमर्चारी शिक्षक समन्वय समिति, जिसमें सचिवालय संघ प्रमुख भूमिका में रहा है, के साथ स्व0 श्री प्रकाश पन्त जी की अध्यक्षता में दिनांक 31.01.2019 को हुये लिखित समझौते की 05 मांगे प्रदेश कामिर्कों के सेवा हितों के साथ-साथ सचिवालय सेवा संवर्ग के सदस्यों के भी सेवा हितों से आच्छादित हैं, जिसके सम्बन्ध में यथासमय भविष्य में सक्षम स्तर पर होने वाली प्रत्येक अधिकारिक बैठक में सचिवालय संघ को अनिवार्य रूप से अपना प्रभावी पक्ष रखे जाने हेतु आमंत्रित किये जाने की मांग आज प्रमुखता से की गयी है।

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सचिवालय संघ की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसी सभी बैठकों में सचिवालय संघ को प्रत्यक्ष रूप से प्रतिभाग कराया जाय, क्योंकि सचिवालय संघ ही इस समिति में प्रमुख भूमिका मे रहा है तथा समिति की बैठक का कायर्वृत्त प्रदेश कामिर्कों सहित सचिवालय सेवा संवर्ग के अधिकारियों/कमर्चारियों से भी आच्छादित है। सचिवालय संघ की ओर से किये गये अनुरोध के उपरान्त भी किसी सक्षम स्तर पर इस तरह की बैठकों में जान-बूझकर सचिवालय संघ को दरकिनार कर बैठक आहुत करने पर सचिवालय संघ द्वारा ऐसे सक्षम स्तर का प्रबल विरोध करने तथा सचिवालय परिसर आदि में आहुत होने वाली ऐसी किसी भी बैठक का पूर्ण बहिष्कार एवं आन्दोलनात्मक कदम उठाने की बात कही गयी है।

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इसके साथ-साथ भविष्य मे प्रदेश के संघो, परिसंघो की ओर से इस दिशा मे होने वाले किसी भी आंदोलन, हडताल से सचिवालय संघ का कोई सम्बन्ध नही है तथा न ही सचिवालय संघ इसका हिस्सा रहेगा। सचिवालय संघ स्वयं इन मुद्दो के साथ साथ गोल्डन कार्ड की खामियो को दुरूस्त करने तथा 11% महंगाई भत्ते की देयता कराये जाने को लेकर भी निरन्तर संघर्षरत है तथा आगे भी इन मांगो को सचिवालय संघ के बैनर तले ही पूर्ण कराने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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काॅमन बिन्दु/मांगे
1.   सचिवालय भत्ते की दर को मूल वेतन का 10 प्रतिशत किया जाना।
2.   ए0सी0पी0 की पूर्व व्यवस्था 10, 16 एवं 26 को लागू किया जाना।
3.   कार्मिक विभाग की शिथिलीकरण नियमावली, 2010 को पुनः लागू किया जाना।
4.    पुरानी पेंशन योजना को बहाल किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा संकल्प पारित किया जाना।
5.   शासकीय सेवा में पति-पत्नी के कायर्रत होने पर दोनों को मकान किराया भत्ता अनुमन्य किया जाना।

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