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Big breaking:-आखिर उत्तरकाशी में बीजेपी कार्यकर्ता क्यों कर रहे प्रभारी मंत्री गणेश जोशी का विरोध ,मंच वाला वीडियो तो पहले ही हो रहा वायरल

भाजपा विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन के बाद नहीं हो सका उपचुनाव, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को मिला हुआ है जिले का प्रभार
-जिला योजना से लेकर विभागीय निर्माण योजनाओं में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का बोलबाला, भाजपा कार्यकर्ता निराश
उत्तरकाशी। अप्रैल महीने से नेतृत्व विहिन गंगोत्री विधान सभा में भाजपा सरकार के ‘कैबिनेट मंत्री’ का कांग्रेस प्रेम इन दिनों खूब चर्चाओं में है। जिला योजना से लेकर विभागीय निर्माणों की निविदाओं में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को वरीयता देने से भाजपा कार्यकर्ता भी स्तब्ध हैं। गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन के बाद जिले के प्रभारी बने मसूरी के विधायक व कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का कांग्रेस प्रेम को लेकर हर कोई हैरान है।

 

 

अप्रैल 2021 को गंगोत्री से भाजपा विधायक गोपाल सिंह रावत का कैंसर से निधन हो गया था। उनके निधन के बाद विधानसभा चुनाव को करीब साल भर का समय बाकी था, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही उपचुनाव के बाद गंगोत्री विधानसभा को नया विधायक मिल सकेगा। इस बीच त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर मुख्यमंत्री बनाए गए तीरथ सिंह रावत को भी छह महीनों के भीतर विधानसभा का सदस्य बनना था तो राज्य सरकार व भाजपा संगठन की नजर में तीरथ सिंह रावत के उपचुनाव के लिए गंगोत्री विधानसभा सीट सबसे मुफीद बैठ रही थी। लेकिन, अजीब-ओ-गरीब घटनाक्रम में हाईकमान से तीरथ सिंह रावत को हटाकर खटीमा से विधायक पुष्कर सिंह धामी को नया मुख्यमंत्री बना दिया तो गंगोत्री विधानसभा में उपचुनाव की उम्मीद भी धुंधली पड़ गई।

 

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अब विधानसभा चुनाव को चार महीने के करीब का समय बाकी है ऐसे में गंगोत्री विधानसभा में उपचुनाव नहीं होगे यह भी तय हो चुका है। लेकिन, इस बीच करीब अप्रैल महीने से विधानसभा में बिना नेतृत्व के गंगोत्री विधानसभा में भी भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं यह महीने काफी भारी बीत रहे हैं। यूं तो राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को जनपद का प्रभार दिया है और गंगोत्री विधानसभा में विधायक न होने के चलते गणेश जोशी ही विधानसभा में सर्वेसर्वा बने हुए हैं। लेकिन, उनकी कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में आने लगी है। जिला योजना में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की योजनाओं को शामिल कर भाजपा कार्यकर्ताओं की योजनाओं को सिरे से नकार देना, विधानसभा में विभागीय निविदाओं को नियमों को धता बताकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को ठेके देने से लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद खत्म करने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का सब्र भी जवाब देने लग गया है।

 

 

नाम न बताने की शर्त पर गंगोत्री विधानसभा से एक भाजपा पदाधिकारी बताते हैं कि जिला योजनाओं के तहत क्षेत्र में विकास योजनाओं के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं भी जुड़ी रहती है, बीते साल जिला योजनाएं कोरोना की भेंट चढ़ी लेकिन इस बार कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उनकी प्रस्तावित योजनाओं को जिला प्रभारी मंत्री स्वीकृति देंगे लेकिन जब जिला योजना की आखिरी सूची प्रकाशित हुई तो उसमें कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की दर्जनों योजनाओं को स्वीकृति मिली हुई थी, विधायक न होने के कारण हम अपनी बात को बेहतर माध्यम से रख भी नहीं पा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री व मसूरी से विधायक गणेश जोशी का कांग्रेस कार्यकर्ता प्रेम भी सवालों के घेरे में है। भाजपा सरकार के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करने वाले और भाजपा नेताओं खासकर गंगोत्री से विधायक रहे स्व. गोपाल सिंह रावत के धुर विरोधियों की इन दिनों गंगोत्री विधानसभा में तूती बोल रही है।

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विवादित ठेकेदार को दिलवा दी पांच करोड़ रूपये की सड़क
-कांग्रेस कार्यकर्ता व कांग्रेस के पूर्व विधायक के खासमखास एक ठेकेदार को गणेश जोशी का बेहद करीबी माना जाता है। कांग्रेस कार्यकाल के दौरान सड़कों की बदहाली को लेकर ब्लैक लिस्टेड होने की स्थिति तक पहुंच चुके इस ठेकेदार का स्वर्णकाल फिर शुरू हो गया है। बीते दिनों बेहद महत्वपूर्ण व विधानसभा के सबसे पैदल दूरी पर बसे पिलंग गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने वाले मोटर मार्ग की निविदाएं खुली। करीब पांच करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इस मोटर मार्ग की निविदा खुलते ही जिस ठेकेदार को निर्माण का जिम्मा मिला, उसका नाम सुनकर हरकोई हैरान था। कई सड़कों को बदहाली में छोड़ देने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता को पांच करोड़ रूपये की सड़क का निर्माण कार्य आवंटित होने से उनके गणेश जोशी के साथ बेहद करीबी संबंधों को कारक माना जा रहा है।
पुरोला में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
बीते दिनों पुरोला विधानसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यक्रम था। यहां कोल्ड स्टोरेज, मंडी समेत कई योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

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जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते गणेश जोशी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। लेकिन उनकी मौजूदगी से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता बिफर पड़े। प्रभारी मंत्री पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गणेश जोशी के खिलाफ नारेबाजी के यह वीडियो खूब वायरल भी हुए। जनपद भर में प्रभारी मंत्री गणेश जोशी की कार्यशैली और उनके कांग्रेस प्रेम से भाजपाई स्तब्ध हैं। पुरोला विधानसभा में हुए हंगामे की वजह भी यही मानी जा रही है। वायरल वीडियो में भाजपा कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के कैबिनेट मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हंगामा कर रहे थे।

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