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Big breaking:-हरीश रावत ने क्यों कहा बनूंगा तो सीएम ही वरना रहूंगा साधारण कार्यकर्ता , पार्टी में अपने विरोधियों पर भी साधा निशाना ,देखिए और पढ़िए हरीश रावत ने Pankaj talks के Exclusive interview में क्या कहा

 

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने pankaj talks से बात करते हुए कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी हरीश रावत से जब पूछा गया की परिवर्तन यात्रा के इस तरीके के परिणाम निकले हैं तो हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा की परिवर्तन यात्रा से वह गदगद हैं हरीश रावत कहते हैं कि परिवर्तन के पक्ष में जबरदस्त माहौल है हमारे लाभ में कितना आएगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा यह हमारी संगठनात्मक क्षमता और हमारे काम करने के तरीके पर निर्भर करेगा

उनके अनुसार लोग परिवर्तन चाहते हैं और भाजपा से अजीज आ चुके हैं इस यात्रा में सुनिश्चित हुआ परिवर्तन यात्रा नहीं परिवर्तन का सैलाब बन गया लोगों ने सड़कों के किनारे आकर अपनी भावनाएं जाहिर की कि वह परिवर्तन चाहते हैं

वही हरीश रावत ने साफ कहा कि ऐसा माहौल उन्होंने 2002 के दौरान देखा था 2001 के उत्तरार्ध से ऐसा लगता था कि हमारे पक्ष में माहौल था पहाड़ों में जबरदस्त माहौल था जिस तरह से लोग दौड़ दौड़ कर आते थे खेत जोतने वाले किसान दौड़ दौड़ कर हाथ मिलाने आते थे और कहते थे कि हम तुम्हारे साथ हैं यह करीब-करीब उस से मिलता जुलता ही माहौल है भले ही उतना प्रबल नहीं है लेकिन यह प्रबल है यह मैं कह सकता हूं बदलाव का माहौल है ।

वहीं भाजपा सरकार पर सवाल खड़े करते हुए हरीश रावत ने कहा कि  सवाल तो उनसे पूछा जाना चाहिए उनके पास तो बताने के लिए कुछ भी नहीं है इसलिए नए सिरे से 4 महीने के मुख्यमंत्री को घोषणा करनी पड़ी है वह जानते हैं कि उनके पास इतना समय नहीं है किन घोषणाओं पर अमल हो सके घोषणाओं को अमल में लाने के लिए वित्त भी नहीं है और घोषणाओं को धरातल पर लाने के लिए ग्राउंड वर्क भी नहीं हुआ है

मगर करें क्या करना कुछ तो करना है जो काम उन्हें डेढ़ 2 साल पहले करना चाहिए था वह इस समय पुष्कर धामी जी के माहौल से करवाया जा रहा है लेकिन एक संभावना जो कभी भविष्य में एक अच्छे नेता की हो सकती थी वह समाप्त हो जाएगी क्योंकि वह जो कहेंगे धरती पर कुछ दिखाई नहीं देगा तो मजाक के पात्र बन जाएंगे साफ है कल तक जो लोग त्रिवेंद्र सिंह रावत को इंगित करते थे फिर उसी कतार में पुष्कर सिंह धामी भी खड़े हो जाएंगे और 1 तरीके से कुछ ना करने के पाप से पुष्कर सिंह धामी त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुक्त कर देंगे

वही त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरीश रावत के बीच की बॉन्डिंग के मुद्दे पर हरीश रावत बोले की बॉन्डिंग इत्यादि कुछ भी नहीं है मैं तो बहुत जानता भी नहीं उनके विषय में लेकिन स्वभाव से वह एक सामान्य उत्तराखंडी की तरह स्पष्ट वादी हैं और राजनीतिक व्यक्ति स्पष्ट वादी का के साथ यहां तक पहुंच जाए यह बड़ी बात है दूसरी बात है उन्होंने जिस तरीके से अपने मंत्रिमंडल के उजाडू बलदो और गड़बड़ी करने वाले लोगों को नियंत्रण में रखा यह काबिले तारीफ बात है हरीश बोले इनमें से कुछ को तो नियंत्रण में रखने में मैं अपने हाथ छीलवा चुका हूं

उनके अनुसार यह लोग ऐसे लोग थे 4 साल इन्हें काबू में रख पाए त्रिवेंद्र  यह बड़ी बात है शैतान को भी अगर उसमें गुण हैं तो उसको शाबाशी दी जानी चाहिए त्रिवेंद्र सिंह रावत तो इंसान है इसलिए हमने उनके इस बड़े गुण के लिए जो राज्य हित के लिए उन्होंने ऐसे लोगों को गलत काम नहीं करने दिए यथासंभव उनको रोका उनका मुख्यमंत्री पद जाने का एक कारण भी यही रहा उन्होंने एक दबाव ग्रुप के रूप में काम किया और अब भाजपा नेतृत्व यह समझ चुका है कि हम जिनको लाए थे कांग्रेस से पार्टी के लिए बोझ बनकर रह गए है जिनके कारण बीजेपी को अपने एक मुख्यमंत्री को सैक्रिफाइस करना पड़ा वही पुष्कर सिंह धामी भी सैक्रिफाइस होते-होते बचे अगर थोड़ा और जोर लगा देते तो आंख खोलने से पहले ही पुष्कर सिंह धामी की आंख बंद कर दी जाती।

वही एक मुख्यमंत्री को बदल दिया भाजपा में मुख्यमंत्री तो अलग रहा सामान्य से छोटे कार्यकर्ता पदाधिकारी को बदलना भी कठिन काम है वह पार्टी एक रेजिमेंटेड सुव्यवस्थित पार्टी है उनमें अगर एक मुख्यमंत्री को बदलवा दिया गया और यह हमारे यहां से जो बागी बीजेपी में गए उनके दबाव में ही तो बदला गया त्रिवेंद्र सिंह के जाने का कारण यही सब लोग हैं उसके बाद तीरथ सिंह असमंजस में रहे कभी इस की शरण मे तो कभी उसकी शरण में और वक्त से पहले ही वह विधवा हो गए  वही पुष्कर सिंह धामी है वह  बच गए और कैसे अपना काम कर निकाल रहे हैं और सबको दिखाई दे रहा है की इस समय सरकार में उजाडू बल्द के डिक्टेशन पर काम किया जा रहा है।

वही हरीश रावत से जब पूछा गया कि क्या यह तमाम बागी बीजेपी से कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं तो हरीश रावत ने साफ कहा कि मैं तो कह रहा हूं जो लेना चाहते हैं वो ले ना फिर वह चूक क्यों रहे हैं और चुप रहकर अपनी पार्टी की मजाक क्यों बना रहे हैं उन्होंने कल कह दिया कि हमने कहा अर्जी लगाई हुई है तो उनका क्या मुंह रह जाएगा तो इसलिए फिर दूसरी बात यह है वहां जो दबाव ग्रुप उन्होंने वहाँ बना लिया है क्या कांग्रेस इतने बड़े दबाव ग्रुप को झेलने की क्षमता में रहेगी अपना घर अपना जितना घर है उसी को तोड़ने से क्या फायदा ऐसे में बाहर से उसके लिए क्यों ला रहे हैं पहले ही घर को संभालना मुश्किल हो रहा है और उसमें आप बाहर से लेकर चले आएंगे और मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी भाजपा की हालत हमने देख ली है अभी तो भाजपा वाले आंसू बहा रहे हैं कुछ दिनों बाद देखिएगा खून के आंसू बहाएंगे अगर यह भाजपा में रह गए तो अगर कांग्रेस में आएंगे तो कांग्रेस को रुलाएंगे वह अलग बात है इनके अंगूर तो वैसे ही खट्टे हैं लेकिन इनके दबाव ग्रुप की हैसियत है इसके नाते वो अपने निजी फायदे की पूर्ति कर सकते हैं।

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वही बेरोजगारी और रोजगार के मुद्दे पर हरीश रावत ने साफ कहा कि देखो यह बहुत गंभीर मामला है उन्होंने सत्ता में आने के साथ ही और रोजगार को महत्व देना चाहिए था जो पद खाली हो रहे थे उनको भरना चाहिए था हमने निरंतरता बनाए रखें मैंने आते ही 3 महीने ही भर्ती शुरू करवा दी थी यहां तक कि सर्विस कमीशन तक के एग्जाम मैंने करवाएं क्योंकि यह ऐसे पद हैं जिनकी राज्यों को जरूरत है अभिनव ने भरा तो है नहीं अभी तक अब खाली पड़े हैं 22, 24 हज़ार पद उपनल कर्मचारियों के मुद्दों को भी सेटल नहीं कर रहे हैं हमारी सरकार के दौरान हम मुद्दों को सेटल कर रहे थे लेकिन उपनल कर्मचारी और दूसरे लोग है उपनल राजनीति में आ गए भाजपा वालों की यहां तक कि हमारे यहां से जो लोग गए उन्होंने भी गलत आश्वासन दिए हरीश रावत के अनुसार जो सुझाव हमने दिया वहीं इनकी समस्या का समाधान था लेकिन हम उन्हें दोष नहीं दे सकते हैं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि हमने साफ कर दिया है कि हम सत्ता में आते ही तमाम पद भरेंगे उसके बाद स्वरोजगार की एक पूरी स्टडी के आधार पर कार्य योजना बनाई जाए उनके अनुसार भाजपा के एक मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि 7लाख लोगों को रोजगार देंगे लेकिन 7लाख लोग हैं कहां

यह वह भी जानते हैं उसमें मनरेगा के सभी वर्करों को भी जोड़ दिया गया हरीश रावत ने साफ कहा कि हम पहले साल में ही खाली पदों को भर देंगे फिर हम स्वरोजगार की राह बनाएंगे और जो उसमें भी नहीं आ पाएंगे तो हम न्याय योजना के तहत उन्हें बेरोजगारी भत्ता देंगे हरीश रावत ने साफ कहा कि हम युवाओं में निराशा का माहौल नहीं बनने देंगे क्योंकि अगर 25, 26 , 27 साल के युवा में निराशा आती है तो समाज के लिए बहुत गलत स्थिति होती है उनके अनुसार हमारा रिकॉर्ड तो पहले भी ठीक रहा हमने तो 32000 लोगों को 3 साल के अंदर सरकारी मुलाजिम बना दिया

वही रेल प्रोजेक्ट और चारधाम यात्रा मार्ग को लेकर हरीश रावत बोले  सत्यता को नहीं रोका जा सकता, रेल लाइन के प्रोजेक्ट को नेशनल प्रोजेक्ट के रूप में मनमोहन सिंह की सरकार ने पास किया सोनिया जी के निर्देश पर एक एंटोनी उसका शिलान्यास करने आए उसका पैसा स्वीकृत किया गया बजट का प्रोविजन किया गया ओंगोइंग प्रोसेस के रूप में इस सरकार ने भी इस को आगे बढ़ा इसका श्रेय इस सरकार को जरूर जाता है दूसरा ऑल वेदर रोड को लेकर जो बातें होती हैं उस पर मैं कहना चाहता हूं कि ऑल वेदर रोड नहीं है यह चार धाम यात्रा सुधार मार्ग है आप पूरे रास्ते भर में जाइए जगह जगह यही बोर्ड लगे हुए हैं या मेरे समय में इसका डीपीआर बना था मेरी अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास कार्यक्रम किया और उसमें नितिन गडकरी में मौजूद थे और उन्होंने उसे ताकि श्रेय हरीश रावत की तरफ ना जाए कि वह इतनी शानदार सड़क दे गया इसलिए उन्होंने इसका नाम ऑल वेदर रोड कर दिया और उसकी आड़ में जिस रोड को हमने मानकों के हिसाब से बनाया था उसे इन्होंने कटिंग पैराडाइज बना दिया पहाड़ों को काटे जा रहे हैं और वहां से मलवा लेकर के नदी में फेंके जा रहे हैं हमारा पहाड़ ऊपर भी अस्थिर हो रहा है नीचे भी अस्थिर हो रहा है इन्होंने इस ऑल वेदर रोड को उत्तराखंड के लिए कष्ट की रोड में तब्दील कर दिया है अब अगले 10 – 12 साल तक हमको कष्ट कष्ट झेलने पड़ेंगे तो यह जो स्थितियां इससे बचा जा सकता था दोनों काम हो सकते ठेकेदारों को क्या चाहिए था जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का भाजपाइयों को ठेके मिल गए 100,150 करोड़ के ठेके मिल गए कहां-कहां से ठेकेदार आए हैं आप देखिए तो और उत्तराखंड के ठेकेदारों को पेमेंट भी नहीं किया जा रहा है और लोगों के हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं हरीश रावत के अनुसार में ऐसे व्यक्ति को जानता हूं कल तक जो ठेकेदारी करता था वह आज मुंशी गिरी करता है तो यह जो हालात बना दिए हैं इन्होंने ऑल वेदर रोड को आल लूट रोड में तब्दील कर दिया है हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा जो उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां हैं उसको नितिन गडकरी भी नहीं बदल सकते उत्तराखंड को डिस्टेबलाइज कर दिया है नीचे की तरफ को मिट्टी लुढ़का देने से घटिया बन गई है गड्ढे बन गए हैं गंगा में बड़ी संख्या में गाद भर दी गई है तो इससे कई तरीके के नुकसान हुए हैं पर्यावरण या और कहीं पर्यावरण का ध्यान रखने वाले जिससे चिंतित हैं भाजपा ने यह महा पाप किया है उन्होंने चार धाम सुधारी करण मार्ग को ऑल वेदर लूट रोड जेसीबी और पोकलैंड रोड में बदल दिया है

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उनके अनुसार हमने गंगा गाय गन्ना गडेरी जो उत्तराखंड की जमीन से जुड़े प्रोडक्ट हैं उत्पाद हैं हमने उनको आगे बढ़ाया सामने मोटे अनाजों की मार्केटिंग की हमने गन्ने का मूल्य बढ़ाया की पैदावार बढ़ाने का काम किया उन्होंने सारे कार्यक्रम रोक दिए जो यहां के केंद्र हो सकते थे उन चीजों को समझने का प्रयास ही बीजेपी ने नहीं किया हरीश रावत के अनुसार हम तो दुनिया डाल कर गए थे फायदा इस सरकार को हो सकता था बनी हुई बुनियाद में इमारत खड़े करने में क्या परेशानी थी उनके अनुसार त्रिवेंद्र सिंह रावत को पता नहीं किसने सलाह दी मेरा वृक्ष मेरा पेड़ योजना बंद कर दी वाटर बोनस बंद कर दिया दुग्ध बोनस बंद कर दिया तो इनको भी व्यक्तिगत तौर पर हुआ और उससे नुकसान उत्तराखंड को भी हुआ

वहीं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा की कांग्रेस ने गणेश का नाम लेकर अपने अभियान की शुरुआत की उनके अनुसार हमारे घरों में कोई भी काम करने से पहले गणेश की पूजा होती है किसी की भी शादी होती है तो उसमें गणेश का नाम सबसे पहले लिया जाता है मेरी शादी भी बिना गणेश पूजा के थोड़ी हुई बच्चे का नामकरण से पहले गणेश पूजा तो होती ही है यहां गाय के बछड़े का नामकरण भी बिना गणेश पूजा के नहीं होता है जो सब चीजें हैं गणेश के इर्द-गिर्द है हमने शिवरात्रि का महीना था कौन उत्तराखंडी ऐसा होगा जो सावन के महीने में शिव भक्त नहीं हो जाएगा तो मैं भी थोड़ा शिव भक्त हो गया तो भाजपा वालों को काहे की मिर्ची लगी हुई है और हमने थोड़े कहा गणेश के माता-पिता की समझदारी थी कि उन्होंने गणेश नाम रख दिया बेटे का अब अब मुझे गणेश वाले हैं हम तो जय गणेश वाले हैं जय श्री गणेश वाले हैं हम गणेश गोदियाल वाले तो बहुत बाद में हैं

हरीश रावत ने गणेश गोदियाल को लेकर साफ तौर पर कहा कि मेरा अपना मानना है कि अगर उनकी सेहत ठीक रही और उनकी मेहनत इसी तरीके से बरकरार रही और साहस पूर्वक उन्होंने निर्णय लिए तो अगले 10 साल में वह उत्तराखंड के बहुत अच्छे नेता होंगे हम लोगों का नेतृत्व है कि वह एक नेतृत्व भी तैयार करें व हरीश रावत ने अपने बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे बेटे और बेटी जमीन पर काम करते हैं जबकि बाकी नेता के बच्चे हवाओं में राजनीति करते नजर आते हैं हरीश रावत ने कहा कि मेरे बच्चे टिकट खुद कमाएंगे हरीश रावत के अनुसार हम हमेशा जमीनी बात करते हैं कुछ लोगों को बात अच्छी लगती है कभी नहीं लगती है हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि मैं तो अपने बच्चों को मना करता था कि राजनीति में ना आए बिजनेस करें क्योंकि कमाने वाले भी तो चाहिए वरना कैसे करेंगे उनके अनुसार हरीश रावत ने कुछ नहीं कमाया तो उनके बच्चे भी जिंदगी ऐसे ही निकाल देना चाहते हैं उनके अनुसार हरिद्वार में कोई ऐसा नहीं होगा जो मेरे बेटे और बेटी को ना जानता हो आनंद को भले ही कोई पद ना मिला हो लेकिन उत्तराखंड में हर कोई उसके नाम से वाकिफ है परंपरागत चीजों को लेकर आनंद रावत जमीनी काम करते हैं वही हरीश रावत ने कहा कि आज कर्नल कोठियाल का में बयान पढ़ रहा था कि मैं मिलिट्री में भर्ती करवाता हूं उनके अनुसार आनंद पिछले 8 सालों से यही काम कर रहे हैं हरीश रावत ने कहा कि उनके बेटे आनंद का एक रोजगार अलर्ट का एक बड़ा काम है रोजगार पत्रिका लाकर वह गांव के लोगों तक पहुंचाता है उनके अनुसार आनंद कहता है कि हम 10000 लोगों को भेजते हैं अगर 100 ने भी उससे लाभ अर्जित कर लिया तो हमारे लिए काफी है।

वही मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि दो चीजें बिल्कुल साफ है कि मैं अगर बनूंगा तो मुख्यमंत्री बनूंगा नहीं तो कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में काम कर लूंगा मेरी स्पष्ट सोच है और दोनों भूमिकाओं में भी मैं वैसे ही काम करता हूं जैसे मैं अभी कर रहा हूं उसमें कोई अंतर नहीं होता वही हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि काम करने की बात अगर है तो मैं चाहता हूं कि डिलीवरी होनी चाहिए आप समय भी किल करें और उसका असर ना दिखाई दे तो उसके लिए मुझ जैसे लोगों को जो त्वरित फैसला लेने वाले हैं उनको थोड़ा फ्रीडम तो देनी ही पड़ती है उसका लाभ पार्टी को मिलता है बहुत सारे काम करने की फ्रीडम एक्शन लेने की फ्रीडम रास्ते में बहुत सारी चीजें दिखाई देती हैं उस पर भी हमें निर्णय लेना पड़ता है उनके अनुसार अगर हम फैसला लेने से पहले उन्हें लिखना शुरु कर दें तो जमाने निकल जाएंगे उनको इंप्लीमेंट करने में हरीश रावत ने कहा कि यह मेरी कुछ खासियत है उसको मैं केवल इसलिए नहीं बदल सकता कि कुछ लोगों को पसंद आ रहा है फैसला या फिर नहीं मैं बचपन से ऐसे ही काम करते रहा हूं अब खाक बदलेंगे इस उम्र में आकर के हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा मैं इस समय चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष हूं लेकिन लोगों को मेरे फैसलों पर परेशानी होने लगती है दिक्कत होने लगती है इसलिए मैं चाहता हूं कि पार्टी उन दिक्कतों का समाधान कर ले बात कर ले और यदि हम सुधार सकेंगे तो सुधार देंगे वरना रास्ता बना देंगे कि आप आइए
उनके अनुसार मैं तो एक बात जानता हूं मेरी चिंता छोड़ो तुम्हारे भी बर्बादियों के चर्चे हैं फिजाओं में अगर कुछ लोग यह सोचने लगे कि वह किसी का रास्ता रुक रहे हैं तो फिर लोग आगे आते हैं उसके लिए रास्ता साफ करने के लिए कर दें तो ऐसे लोगों को मेरा रास्ता रोकने के कारण नुकसान ना हो ये जरूर मेरी भगवान से प्रार्थना है

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वही हरीश रावत ने अपने उन करीबियों जो कभी उनके खास थे और आज सबसे बड़े दुश्मन हैं उनको लेकर भी साफ तौर पर कहा कि अगर कोई व्यक्ति नंदा देवी की चोटी पर चढ़ गया है तो कोई जरूरी थोड़ी ना की नंदा देवी तक जिस लाठी को लेकर चढ़ा है उस लाडी को लेकर वह एवरेस्ट पर भी चढ़ा आप जो चाहते हैं वह एवरेस्ट पर चढ़े हमारी शुभकामनाएं उन्हें हैं हरीश रावत ने कहा कि वह यह तो कहेंगे कि नंदा देवी तो हरीश रावत ने ही चढ़ाया है हमें किसी तरीके का है कोई एतराज नहीं है लेकिन कई कटुता राजनीति में पीनी पड़ती है लेकिन मेरे मन में किसी के लिए कोई कटुता नहीं है आपने देखा होगा मैं कभी किसी के लिए कोई गलत बात कहता ही नहीं लेकिन यदि अब सार्वजनिक जीवन की गरिमा की रक्षा नहीं कर सकते तो आप सार्वजनिक जीवन के लायक नहीं रहते तो मैं एक ही सीख ऐसे लोगों को देना चाहूंगा की करना चाहते जो मेरे साथ करना चाहते हैं भगवान ना करे कल उनका कोई करीब वाला उनके साथ ना कर दे मेरे पांव तो जमीन पर खड़े हैं जिनके पांव आसमान पर हैं उनको तो खड्डे की गहराई नापने में बहुत समय लग जाएगा

हरीश रावत ने कहा कि हम सब को साथ लेना चाहते थे और मुझे प्रीतम सिंह पंवार के जाने का बहुत दुख है बहुत अच्छा मिनिस्टर था हमारे साथ और मैंने बहुत मदद की थी उनकी वह क्या कहेंगे अपने इलाके में जो काम विकास का कांग्रेस के जमाने में किया वह भाजपा मैं तो ले जा नहीं पाएंगे तो जिस प्रलोभन के लिए भी वह भाजपा में गए हैं मुझे इस बात की बड़ी तकलीफ है कि वह भाजपा में शामिल हो गए हैं इसमें मेरी भी गलती है कहीं बाहर हम मुलाकात को लेकर बात करते थे लेकिन मेरी व्यस्तता इतनी हो गई पंजाब और दिल्ली की वजह से कि मैं उनसे बात नहीं कर पाया जो भी है जहां रहें सुखी रहें भाई हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि जनता इस बार अगर हमें सीटें दे सरकार बनाने के लिए तो इतनी दे देना कि सुबह शाम गिनने के झंझट से मुक्त कर देना अगर मुख्यमंत्री विधायकों को गिनने में ही लगा रहे अपना टाइम उसमें लगाता रहे हर बार डरा रहेगा तो क्या निर्णय ले पाएगा मैंने तो निर्णय लिए लेकिन हर कोई हरीश रावत नहीं हो सकता दिक्कतें आएंगी लोगों को उनके अनुसार लोगों को बहुमत की सरकार चलाने में दिक्कत आ गई मैंने तो सभी परिस्थितियों में चला ली लोगों को यदि लगता है कि कांग्रेस आनी चाहिए तो कांग्रेस को इतना सपोर्ट देना चाहिए कि कांग्रेस अच्छे बहुमत के साथ अच्छे फैसले ले सके और ना करें तो कांग्रेस को रिजेक्ट करने का अधिकार तो जनता के पास है ही उसी तरीके से अगर लोग समझते हैं कि हरीश रावत मुख्यमंत्री होना चाहिए तो फिर तुम सब कांटे ही कांटे बो दोगे तो मैं फूल कहां से उठाऊंगा उसमें यह जनता के हाथ में है कि वह क्या फैसला लेते हैं

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