उत्तराखण्ड अधिकारी,कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने मा0 मंत्री मण्डल द्वारा दिनांक 24.12.2025 को राज्य में संचालित State Government Health Scheme (SGHS) गोल्डन कार्ड के सम्बन्ध में लिये गये एक तरफा निर्णय के सम्बन्ध में अपना विरोध दर्ज किया समिति के एक प्रतिनिधिमण्डल के द्वारा मा0 मुख्य मंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन उनके मुख्य निजी सचिव, श्री विक्रम सिंह चौहान को हस्तगत करने के साथ ही मुख्य सचिव,उत्तराखण्ड शासन एवं सचिव स्वास्थ्य डा0 आर0राजेश कुमार से भेटकर ज्ञापन दिया गया ।

2- मुख्य सचिव एवं सचिव स्वास्थ्य के द्वारा आष्वासन दिया गया कि उत्तराखण्ड अधिकारी,कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के साथ उच्च स्तर पर बैठक के उपरान्त ही गोल्डन कार्ड का शासनादेश जारी किया जायेगा।
आज दिनांक 06.01.2025 को उत्तराखण्ड अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने राज्य कार्मिकां हेतु वर्तमान में लागू गोल्डन कार्ड योजना के सम्बन्ध में दिनांक 24.12.2025 को सम्पन्न हुई मा0 मंत्रीमण्डल बैठक में उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा बिना कार्मिक संगठनों को विश्वास में लिये इस योजना को ट्रस्ट मोड़ के स्थान पर रू0 5.00 लाख तक की सीमा तक इंशोरेन्स मोड़ पर संचालित करते हुए राज्य के कार्मिकों द्वारा दिये जाने वाले अंशदान में अप्रत्याशित वृद्धि का जो प्रस्ताव पारित किया गया है, क सम्बन्ध में बिना कार्मिक संघों को विश्वास में लिये गये निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।
किये जाने की सूचना विभिन्न समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस विषय में राज्य सचिवालय सहित राज्य के तमाम महासंघों/ परिसंघों/संघों तथा शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक दिनांक 05.01.2026 को ‘ उत्तराखण्ड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ‘ के संयुक्त मंच पर सदभावना भवन यमुना कॉलोनी देहरादून में समपन्न हुई जिसमें सर्वसम्मति से निम्न प्रस्ताव पारित किये गये:-
(1) राज्य में संचालित State Government Health Scheme (SGHS) गोल्डन कार्ड से संबंधित अंशदान बढ़ाये जाने व अन्य प्राविधानों में संशोधन सम्बन्धी माननीय मंत्री मण्डल के निर्णय सम्बन्धी संस्तुति का क्रियान्वयन ’उत्तराखण्ड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ‘ के साथ बैठक करने के उपरान्त ही समिति द्वारा दिये गये सुझावों एवं सरकार एवं शासन के साथ तृपक्षीय वार्ता में लिये गये निर्णय के आधार पर किया जाय, तब तक मा0 मंत्रीमण्डल द्वारा की गई संस्तुति का क्रियान्वयन न किया जाये एवं इस सम्बन्ध मंे कोई भी शासनादेश जारी न किया जाय।
(2) संज्ञान में आया है कि माननीय मंत्रीमण्डल के द्वारा अंशदान बढोत्तरी की संस्तुति इस शर्त के अधीन की गई है कि प्रत्येक छः माह मंे कार्मिकों को मंहगाई भत्तें की सुविधा उपलब्ध होने पर इस योजना के संचालन में यह धनराशि स्वतः ही वृद्वि होती रहेगी इस पर समस्त परिसंघों के द्वारा इसका घोर विरोध किया गया,साथ ही इस शर्त अथवा व्यवस्था को तत्काल समाप्त किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित हुआ कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का नैतिक दायित्व बनता है।
इस सम्बन्ध में दिनांक 02.04.2025 को डा0 धनसिंह रावत, मा0 स्वास्थय मंत्री जी की अध्यक्षता में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में गोल्डन कार्ड के सम्बन्ध में आहूत उच्च स्तरीय बैठक में कार्मिक/पेन्शनर संघों के द्वारा अंशदान बढोत्तरी का विरोध किया गया था, जिस पर मा0 स्वास्थ्य मंत्री जी के द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि गैप फण्डिग की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित की जायेगी तथा अंशदान बढ़ाने का निर्णय सभी पदाधिकारियों को विश्वास में लेकर ही किया जायेगा। अतः प्रस्ताव पारित किया गया कि इस योजना के लागू होने से पूर्व राज्य सरकार चिकित्सा प्रतिपूर्ति हेतु बजट व्यवस्था अपने स्तर से करती थी,इस योजना के लागू होने के उपरान्त राज्य सरकार कार्मिकांे के अंशदान से ही इस व्यवस्था को चला रही है। अतः राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष इस योजना हेतु लगभग 200 करोड़ की बजट व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए गैप फण्डिग को पूर्ण करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
(3) State Government Health Scheme (SGHS) गोल्डन कार्ड योजना में प्रदेश के अन्दर एवं प्रदेश से बाहर समस्त उच्च कोटी के चिकित्सालय को पैनल में इस शर्त के अधीन चयनित करें एवं अनुबन्ध करें कि वह अनुबन्ध गठित होने के 02 वर्षों तक धनराशि के अभाव में चिकित्सालय सुविधा देने से इंकार न कर सकें।
(4) इस योजना मंे चिकित्सालयों की मनमानी को रोकने एवं शासकीय धन का गलत इस्तेमाल को रोकने हेतु यह प्राविधान किया जाय आई0पी0डी0 चिकित्सा उपरान्त लाभार्थी की चिकित्सा पर हुये व्यय की धनराशि का भुगतान सम्बन्धी बीजक की एक प्रति लाभार्थी से भी हस्ताक्षर के उपरान्त उसकों उपलब्ध कराई जायें। मरीज के भर्ती और डिस्चार्ज होने पर सम्बन्धित रोगी अथवा तीमारदार के माध्यम से ओ0टी0पी0 सम्बंधित चिकित्सालय को दिया जाये। साथ ही केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना की नवीनतम गाईड लाईन भी इस योजना मंे लागू की जाय, जो चिकित्सालयों की मनमाफिक त्रुटिपूर्ण व्यवस्था को रोकने मंे सहायक सिद्व होगी।
(5) गोल्डन कार्ड से संबधित शासनादेश सं0-1256 दिनांक 25 नवम्बर,2021 के बिन्दु सं0-19 में ओ0पी0डी0 चिकित्सालय में सुविधा प्रदान करने हेतु डॉयग्नोस्टिक सेन्टर एवं औषधालय भी पंजिकृत किये जाने का प्राविधान किया गया ,किन्तु आतिथि तक उक्त शासनादेश का अनुपालन नहीं किया गया है। अतः ओ0पी0डी0 में डॉयग्नोस्टिक/पैथालोजी जॉच व दवाईया निशुल्क उपलब्ध कराये जाने की तत्काल व्यवस्था की जायंे।
(6) पूर्व में चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में आश्रितांे हेतु आयु सीमा की कोई बाध्यता नहीं थी, किन्तु गोल्डन कार्ड में आश्रितों हेतु 25 वर्ष की व्यवस्था की गई है,जिसे तत्काल हटाया जाये, ओर इस योजना में कोई भी आयु सीमा न रखी जाय।
(7) गोल्डन कार्ड योजना को आयुषमान योजना से पृथक करते हुए समस्त चिकित्सालयों मंे पृथक काउन्टर एवं पोर्टल खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
(8) शासनादेश दिनांक 08 नवम्बर,2024 के द्वारा अखिल भारतीय सेवा के सेवारत/सेवानिवृत्त अधिकारियांे एवं उनक आश्रितों को चिकित्सा सुविधा/चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति संबंधी प्रकरणों के निस्तारण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया में शिथिलता प्रदान करते हुए छूट प्रदान की गई है, अतः राज्य के भीतर तमाम अधिकारियों/ कार्मिकों एवं उनके आश्रितों को अत्यन्त गंभीर बीमारियों/Sequelae Of Disease से ग्रसित होने पर वास्तविक व्यय के सापेक्ष प्रतिपूर्ति हेतु देय शिथलीकरण की दरें निर्धारित की जाये:-
1- माईल्ड (हल्का) वर्तमान व्यवस्थानुसार प्रभावी सी0जी0एच0एस0की दरों पर ।
2- मॉडरेट(मध्यम श्रेणी) वर्तमान व्यवस्थानुसार उपचार पर हुए व्यय के सापेक्ष सी0जी0एच0एस0दरों पर अनुमन्य की गयी धनराशि $ सी0जी0एच0एस0 व्यवस्थानुसार अदेय की गयी धनराशि का 25 प्रतिशत अतिरिक्त।
3- सीवियर (गम्भीर श्रेणी) वर्तमान व्यवस्थानुसार उपचार पर हुए व्यय के सापेक्ष सी0जी0एच0एस0दरों पर अनुमन्य की गयी धनराशि $ सी0जी0एच0एस0 व्यवस्थानुसार अदेय की गयी धनराशि का 50 प्रतिशत अतिरिक्त।
4- हाईली सीवियर(अत्यन्त गम्भीर श्रेणी) वास्तविक व्यय का 85 प्रतिशत।
5- मॉरिबंड (मरणासन्न) वास्तविक व्यय का 100 प्रतिशत।
(9) गोल्डन कार्ड योजना मंे सेवानिवृत्त होने वाले ओ0पी0एस0 कार्मिकों की भॉति एन0पी0एस0 एवं यूनिफाईड धारकांे के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
(10) राज्य मंत्रीमण्डल के द्वारा रू0 5.00 लाख तक इस योजना को इंशोरेन्स मोड पर संचालित किये जाने की संस्तुति की गई है, अतः जब तक किसी इंशोरेन्स कम्पनी के द्वारा राज्य सरकार का अनुबन्ध गठित नहीं होता है, तब तक किसी भी कार्मिक को उपचार की व्यवस्था से प्रभावित न हो यह संकल्प राज्य शासन द्वारा दिया जाय।
उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न वर्गो के कार्मिकों /शिक्षक संगठनों के साथ दिनांक 05.01.2026 को बनी सहमति के आलोक में उत्तराखण्ड अधिकारी -कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति आपसे सादर अनुरोध करती है कि उच्च स्तर/सक्षम स्तर पर एक सप्ताह के भीतर समन्वय समिति से वार्ता/ बैठक आयोजित की जाये, तत्पश्चात ही बैठक में बनी सहमति के अनुरूप ही अग्रिम निर्णय /व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। यदि शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर बैठक निर्धारित नहीं की जाती है तो समन्वय समिति बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी प्रकार के आन्दोलन हेतु बाध्य होगी, कृपया इसको ही आन्दोलन का नोटिस समझा जाय।
आशा है कि आप इस प्रकरण पर सकारात्मक निर्णय लेने की महान कृपा करेगें।
उक्त सम्बोधित ज्ञापन आज मा0 मुख्यमंत्री जी,मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं सचिव स्वास्थ्य को दिये गये मुख्य सचिव एवं सचिव स्वास्थ्य के द्वारा प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया गया कि समिति को विश्वास में लिये बिना कोई भी शासनादेश जारी नही किया जायेगा।
आज प्रतिनिधि मण्डल में उत्तराखण्ड सचिवालय संघ के अध्यक्ष श्री सुनील लखेडा, उपाध्यक्ष श्री जीतमणी पैन्यूली, महासचिव राकेष जोशी, श्री पूर्णानन्द नौटयाल सचिव, संयोजक उत्तराखण्ड अधिकारी शिक्षक समन्वय समिति,श्री अशोक राज उनियाल, प्रान्तीय महासचिव,उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन,श्री अरूण पाण्डे, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, श्री आर0सी0 शर्मा, अध्यक्ष, श्री वीरेन्द्र सिंह गुसांई, महासचिव, उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, श्री मुकेश बहुगुणा, अध्यक्ष उत्तरांचल मिनिस्ट्रीरियल फैडरेशन,रमेश चन्द्र पैन्यूली, महासचिव, राजकीय शिक्षक संघ,श्री दिनेश पन्त,अध्यक्ष निगम कर्मचारी महासंघ, श्री विनोद थापा, अध्यक्ष, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, श्री संजय भास्कर, मण्डलीय मंत्री उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन उपस्थित रहे।
सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी ने कहा कि यह समिति राज्य में संचालित गोल्डन कार्ड में आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में उच्च स्तर पर विचार विमर्श करेगी, इस समिति मंे सभी मान्यता प्राप्त संघों के साथ ही सचिवालय संघ द्वारा भी अपनी निष्ठा व्यक्त की गई है,यदि बिना समिति की सहमति से कोई शासनादेश जारी किया गया तो यह समिति एक सुत्रीय मांग को लेकर बिना किसी भी नोटिस के आन्दोलन के लिये बाध्य होगी।
श्री जोशी ने बैठक के उपरान्त मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव का आभार व्यक्त किया जिसमंे उन्होने यह आश्वासन दिया गया है कि यथा शीघ्र समिति द्वारा दिये गये मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा की जायेगी तथा तब तक इस सम्बन्ध में कोई भी शासनादेश जारी नहीं किया जायेगा। समिति के सभी पदाधिकारियों द्वारा एक स्वर मंे सभी कार्मिकों को समुचित चिकित्सा सुविधा प्राप्त होने की बात कही ।
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