उत्तराखंड ने रचा इतिहास: पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश!
ऐतिहासिक जीत: उत्तराखंड ने झारखंड को पारी और 6 रनों से हराया
देहरादून/जमशेदपुर: रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन के पहले क्वार्टर फाइनल में उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को पारी और 6 रनों** से करारी शिकस्त दी। यह उत्तराखंड की क्रिकेट इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में पहुंचने की उपलब्धि है। मैच कीनन स्टेडियम, जमशेदपुर में 6 से 8 फरवरी 2026 तक खेला गया, जहां उत्तराखंड ने तीसरे ही दिन मैच अपने नाम कर लिया।

**मैच का संक्षिप्त स्कोर**
– झारखंड पहली पारी: **235** ऑल आउट
– उत्तराखंड पहली पारी: **371** ऑल आउट
– झारखंड दूसरी पारी: **130** ऑल आउट
**परिणाम:** उत्तराखंड ने पारी और 6 रनों से जीत दर्ज की।
**उत्तराखंड की पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी**
उत्तराखंड ने अपनी पहली पारी में मजबूत शुरुआत की और कुल 371 रन बनाए। टीम ने झारखंड की पहली पारी के स्कोर से 136 रनों की बढ़त हासिल की। प्रमुख स्कोरर:
– **अवनीश सुधा** (ओपनर): 64 रन
– **कुणाल चंदेल** (कप्तान): 68 रन
– **जगदीश सुचित** (जगदीश सुचिथ): 70 रन (172 गेंदों की धैर्यपूर्ण पारी)
– **सौरव रावत** (विकेटकीपर): 32 रन
– **अभय नेगी**: 46 रन
इन बल्लेबाजों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और पहली पारी में निर्णायक बढ़त दिलाई।
**गेंदबाजी में मयंक मिश्रा और अभय नेगी का कमाल**
झारखंड की दूसरी पारी में उत्तराखंड के गेंदबाजों ने कहर बरपाया। झारखंड 130 रनों पर सिमट गई, जिसमें आखिरी 8 विकेट सिर्फ 30 रनों पर गिरे।
– **मयंक मिश्रा** (लेफ्ट-आर्म स्पिनर): 5 विकेट (5/22) – मैच में प्लेयर ऑफ द मैच
– **अभय नेगी** (सीमर): 4 विकेट (4/36)
दोनों गेंदबाजों ने मिलकर झारखंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
**सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि**
उत्तराखंड एक छोटा और नया राज्य है, जिसके पास बड़े राज्यों की तरह संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर या लंबा क्रिकेट इतिहास नहीं है। इसके बावजूद टीम की मेहनत, टीमवर्क, रणनीति और खिलाड़ियों की लगन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रचने में सफल बनाया। यह जीत क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड, कोचिंग स्टाफ और पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
**इस उपलब्धि के पीछे पूर्व सचिव महिम वर्मा की मेहनत**
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) के पूर्व सचिव महिम वर्मा की 6 साल की अथक मेहनत का बड़ा योगदान है। महिम वर्मा, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं, ने 2020 में BCCI पद से इस्तीफा देकर उत्तराखंड क्रिकेट का जिम्मा संभाला। उन्होंने CAU के सचिव के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, युवा प्रतिभाओं की पहचान, कोचिंग प्रोग्राम्स और टीम मैनेजमेंट पर फोकस किया, जिससे उत्तराखंड क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली। 2021 में उन्होंने राज्य क्रिकेटरों के लिए एनुअल अवार्ड्स आयोजित किए, और हाल ही में 2026 में नए साल पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलकर क्रिकेट विकास की लंबी अवधि की योजनाओं पर चर्चा की। उनकी रणनीतिक दृष्टि ने राज्य को सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी, जिसका नतीजा आज यह सेमीफाइनल एंट्री है। महिम वर्मा की मेहनत ने CAU को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और उत्तराखंड क्रिकेट को एक मजबूत नींव प्रदान की।
**आगे का रास्ता**
सेमीफाइनल में उत्तराखंड का सामना अब अन्य मजबूत टीमों से होगा, लेकिन यह उपलब्धि पहले ही उत्तराखंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा चुकी है।
उत्तराखंड क्रिकेट टीम को बधाई! यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि पूरे राज्य की मेहनत और सपनों की जीत है।
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