पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर जम्मू-कश्मीर से हरिद्वार पहुंचे दो किशोर, पुलिस ने परिजनों को सौंपा
पढ़ाई के दबाव ने दो किशोरों को छात्रावास छोड़ने पर मजबूर कर दिया। जम्मू-कश्मीर से भागकर हरिद्वार पहुंचे दोनों किशोरों को हरकी पैड़ी क्षेत्र से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर परिजनों के हवाले किया।
पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर जम्मू-कश्मीर स्थित छात्रावास से भागकर दो किशोर हरिद्वार पहुंच गए। हरकी पैड़ी क्षेत्र से दोनों को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। परिजनों के हरिद्वार पहुंचने पर दोनों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
एसपी क्राइम एवं यातायात जितेंद्र मेहरा के मुताबिक, गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तलाश व पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन स्माइल अभियान के तहत एएचटीयू की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 16 जनवरी को हरकी पैड़ी क्षेत्र से दो किशोर बालक बेहद दयनीय अवस्था में मिले। एक 11 वर्षीय निवासी आंखोंड आरएस पुरा, जम्मू-कश्मीर और दूसरा 8 वर्ष निवासी चीनानी बटनना, जम्मू-कश्मीर था। दोनों ने जानकारी दी कि वह 15 जनवरी की शाम जम्मू स्थित वेद मंदिर छात्रावास से भागकर रेल के जरिए हरिद्वार पहुंच गए थे।
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया और बाल कल्याण समिति में काउंसलिंग कराई। जहां से उन्हें खुला आश्रय गृह कनखल में संरक्षण दिलवाया। लगातार प्रयास करते हुए विभिन्न माध्यमों से बच्चों के परिजनों से संपर्क साधा। परिजनों के हरिद्वार पहुंचने पर पुलिस कार्यालय रोशनाबाद में एसपी क्राइम/ट्रैफिक जितेंद्र मेहरा और एएसपी/सीओ सदर निशा यादव की मौजूदगी में दोनों किशोरों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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