UTTRAKHAND NEWS

Big breaking :-सीएम का जन्मदिन, आम और ख़ास सभी ने दी बधाई, सीएम क़ो मिली लोगो की प्यार भरी पाती, सीएम से की यें मांग

संकल्प दिवस माननीय मुख्यमंत्री जी को जन्मदिन की अनन्त हार्दिक शुभकामनाएँ

 

अपने उद्भव के तीसरे दशक में उत्तराखंड राज्य के लिए यह बड़े गौरव और सौभाग्य की बात है कि उसे एक युवा, ऊर्जावान, प्रगतिशील, वैज्ञानिक सोच रखने वाला और जमीन से जुड़ा हुआ नेतृत्व मिला जिसकी कि प्रदेश को शख्त जरूरत रही है। मुख्य सेवक का कार्य भार सँभालते ही अल्प समय में ही समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़कर उनकी चुनौतियों और अपेक्षाओं को समझते हुए आपने प्रदेश में आशा और विश्वाश का वातावरण तैयार करके प्रधान सेवक की अवधारणा को बल दिया। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से जन जन के साथ संवाद की जो अनूठी परम्परा आपने कायम की है उसके प्रारंभिक परिणाम दृष्टिगोचर होने लगे हैं। विज्ञान और तकनीक के माध्यम से प्रदेश की समस्याओं के प्रभावी समाधान ढूंढने हेतु राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं एवं विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर आपने दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। पर्यावरण और आर्थिकी के बीच सामंजस्य बैठाते हुए प्रदेश के बहुआयामी विकास का खाका जो आपने खींचा है वह आने वाले दिनों में प्रदेश का भविष्य तय करेगा।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के केदारनाथ की पवित्र धरती से अगले दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के सन्देश को आपने प्रदेश के हर व्यक्ति के मन मष्तिस्क में अंकित कर दिया है। जमीन से जुड़े हर व्यक्ति को आपने आत्मनिर्भर उत्तराखंड की विचारधारा से जोड़ दिया है। आपके नेतृत्व में आज उत्तराखंड से सरोकार रखने वाला हर व्यक्ति प्रदेश के भविष्य के प्रति जागरूक होकर उसके विकास में अपनी सक्रिय भूमिका तलाशने लगा है। चम्पावत को केंद्र में रखकर सभी विभागों के सामूहिक प्रयास से जिले को आदर्श जिले के मॉडल के रूप में विकसित करते हुए उत्तराखंड @25 की आधारशिला रखी जा रही है जो अत्यंत प्रशंसनीय है।

आपके अनवरत प्रयासों से उत्तराखंड आने वाले समय में स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, कौशल, रोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा ऐसा हमें विश्वास है। भ्रष्टाचार के सम्पूर्ण उन्मूलन के लिए आपके द्वारा लिए गए निर्णायक कदमों से प्रदेश में और प्रदेश के बाहर उत्तराखंड की अलग छवि बनी है। आपके नेतृत्व में उत्तराखंड के प्रगतिशील प्रवर्तन पर सारा विश्व उत्सुक होकर नजरें गढ़ाए बैठा है। हमें पूर्ण विश्वाश है कि उत्तराखंड @25 आपके निर्णायक नेतृत्व में सफलता के नए मानकों का निर्धारण करते हुए देश के लिए तो आदर्श तो होगा ही लेकिन साथ ही सारे विश्व में उत्तराखंड की एक अलग पहचान बनाने में कामयाब होगा। प्रदेश से बाहर निवास करने वाले मुझ जैसे हजारों प्रवासी उत्तराखंडी आपके नेतृत्व में उत्तराखंड के उत्तरोत्तर विकास की कामना करते हुए संकल्प दिवस के रूप में आपको अपनी अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।

प्रहलाद अधिकारी, नवी मुंबई

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संकल्प दिवस”

 

यह हमारा सौभाग्य है कि युवा उत्तराखण्ड का नेतृत्व युका मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की सहायता से लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने और अनुसन्धान और नवाचार के माध्यम से राज्य को अग्रणी बनाए के लिए कार्यरत है। उत्तराखंड राज्य की विकास की आवश्यकताएं हमेशा से ही अपनी विषम भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों और अनूठी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के कारण भिन्न रही है। पर्वतीय समुदाय होने के कारण हमारे पास आजीविका वृद्धि और विकास के सीमित विकल्प है। हमे अपने राज्य के सतत और सर्वांगीण विकास के लिए सम्यक वैज्ञानिक दृष्टिकोण, राज्य विशिष्ट परियोजनाओं और नवाचार आधारित समाधानों की आवश्यकता है। आज मुख्यमंत्री जी के जन्मदिवस के मौके को हम उत्तर के सर्वांगीण विकास के संकल्प दिवस के रूप में मनाते हुए खुशी महसूस कर रहे हैं और आशान्वित है कि उनके युवा नेतृत्व की युवा सोच से राज्य के विकास कार्यों को नयी दिशा और गति मिलेगी।

संकल्प दिवस के इस अवसर पर राज्य हित के विभिन्न पहलुओं पर आज हम सब माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ दृढ़ संकल्प लेते हैं –

राज्य सरकार ने रोजगार सृजन के लिए अनेक योजनाएं तैयार की है और भविष्य में भी आजीविका सृजन के नए और बेहतर अवसर तलाशे जायेंगे हम ऐसी कामना करते हैं। हम चाहते हैं कि जब हमारा राज्य अपने अस्तित्व के 25 वर्ष पूरा करे तब तक हमारे पास ऐसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हो जिन पर हमें गर्व हो। छोटी-छोटी नौकरियों के लिए लोगों को राज्य से बाहर न जाना पढ़े और यहीं पर रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध करवाये जायें।

डेयरी के क्षेत्र में दुग्ध विकेन्द्रीकृत प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के अनेक कार्य किये जा रहे

हैं। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड राज्य जो पशु पालन के लिए भी जाना जाता है आगामी वर्षों

में पशु प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित हो और देश ही नहीं अपितु पूरी दुनिया में अपनी

विशेष पहचान बनाये।

हमारे पास चाय की खेती में बहुत बढ़ी सभावनाएं है और इस क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार ने सामुदायिक खेती का मॉडल विकसित करने हेतु कई योजनाएं भी बनायीं है जिसे व्यावसायिक खेती में परिवर्तित किया जा सकता है। हम चाहते हैं कि रोजगार सृजन हेतु राज्य के स्थानीय चाय ब्रांड और अन्य पहाड़ी उत्पादों के बाद विकसित किये जाये ताकि स्थानीय उत्पादों के विपणन में तेजी जाये और रोजगार के नए अवसर तैयार हो हमे सिर्फ गेहू और चावल की खेती तक ही सीमित नही साना है अपितु कई उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की और भी कदम बढ़ाने होंगे।राज्य सरकार ने कई क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए सराहनीय पहल की है और बागवानी, फूलों की खेती, स्थानीय मसालों का उत्पादन, होम स्टे योजना के तहत लोगों का कौशल विकास प्रशिक्षण, भाषा प्रशिक्षण, पारम्परिक पाक कला और विभिन्न आयोजनों का प्रबंधन आदि पर विशेष ध्यान दिया है जो कि युवा नेतृत्व की विकासशील सोच को दर्शाती है। पहले हमारे यहाँ सिर्फ धार्मिक स्थल पर्यटन और साहसिक पर्यटन की बात की जाती थी लेकिन अब टी-टूरिज्म, ईको-टूरिज्म, साइंस टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं और अलग अलग योजनाओं के द्वारा इन पर काम किया जा रहा है। राज्य की स्वच्छ और उपयुक्त जलवायु का हम राज्य हित में भरपूर लाभ लें, ऐसा संकल्प हमारा होना चाहिए

उत्तराखंड राज्य प्राकृतिक जड़ी बूटियों का भंडार है। आज यहाँ पर विभिन्न स्थानों पर आयुष ग्राम स्थापित करने की बात हो रही है जिनमे पारम्परिक चिकित्सा, मड थेरेपी, हाइड्रो थेरेपी, एक्यूप्रेसर आदि पर आधारित गतिविधियां संचालित होंगी सभी मॉडर्न सुविधाओं से युक्त आयुर्वेदिक अस्पताल विकसित किये जायेंगे। हम चाहते हैं कि हम विश्व पटल पर आयुष राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकें।

चिकित्सा के क्षेत्र में राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के कारण

स्वास्थ्य

सेवाएं पहुँचाना एक चुनौती है। यह युवा और विकासशील सोच ही है कि आज हम

टेलीमेडिसिन के जरिये दुर्गम स्थानों तक भी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर कार्य करने की ओर

अग्रसर हैं। दूर दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव में किसी को जान न गंवानी पड़े

हम ऐसा उत्तराखण्ड बनाये जाने की अपेक्षा करते हैं। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन एक

सपना ही था जो सच होने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार का धन्यवाद। हमारी लोक संस्कृति और लोक भाषा विलुप्त न हो इनके विस्तार, विकास और संरक्षण के लिए और ठोस उपाय किये जायें। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ हम मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर

सिंह धामी जी के स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल जीवन के लिए जन्मदिवस की हार्दिक

शुभकामनाएं देते हैं।

डा० रीमा पन्त शिक्षाविद, देहरादून।

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: संकल्प दिवस

श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने एक वर्ष के अपन कार्यकाल में एक दक्ष राजनीतिज्ञ एवं जन सेवक की भूमिका को बहुत ही कुशलता एवं संवेदनशील नायक के रूप में प्रतिपादित किया है। महिलाओं के साथ साथ अपने प्रदेश के नौनिहालों के प्रति उनका स्नेह एवं चिंता उनकी कार्यशली में है लक्षित होती है। कक्षा 10 एवं 12 में सुन्दर प्रदर्शन करने वाले बच्चो में आधुनिक टैबलेट्स का वितरण, मिड डे मील से में गुणवत्ता की स्थापना, सरकारी विद्यालयों में संसाधनों तथा वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए लैब्स की स्थापना हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी अनुकरणीय है माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। श्री धामी जी द्वारा इस क्षेत्र में ना केवल भारत सरकार की योजनाओं को बड़ी कुशलता और प्रभावी ढंग से धरातल पर क्रियान्वित करवाया गया अपितु राज्य सरकार की ओर से भी कई नवीन और कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की गई। चाहे वह सुरक्षित प्रसव एवं पूर्ण टीकाकरण को प्रोत्साहित करती भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हो या फिर देश में पहली बार कुपोषण के मुद्दे को मुख्यधारा में लाते हुए शुरू किया गया पोषण अभियान। बात चाहे समाज में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करते हुए उसको उत्सव के रूप में मनाने उनको समाज में शैक्षिक, सामाजिक रूप से बराबरी का दर्जा दिलाने के लिये शुरू की गई प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की हो या परिवार, समुदाय, कार्यस्थल या समाज मे किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला को एक ही छत के नीचे चिकित्सकीय, मनोसामाजिक परामर्श, कानूनी सहायता प्रदान करने वाली संवेदनशील वन स्टॉप सेंटर योजना हो । इन सब को श्रेष्ठ ढंग से क्रियान्वित करने वाले राज्यों में उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों की सूची में स्थान बनाये हुए हैं।

पुष्कर सिंह धामी जी ने राज्य सरकार के संसाधनों से भी कई अनोखी और महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं। मातृ और कन्या शिशु के पोषण को ध्यान में रखकर आरम्भ की गई मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना हो या केंद्र सरकार की पोषण योजना को बल देती हुई गर्भवती धात्री माताओं के पोषण को सुनिश्चित करने वाली मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना बच्चों में कैल्शियम की कमी ना हो इसके लिए आंगनवाड़ी कद्रों के बच्चों को सप्ताह में 4 दिन दूध देने के लिए आरम्भ की गई मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और आंगनवाड़ी केंद के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल पलाश योजना राज्य सरकार द्वारा आरम्भ की गई ऐसी ही महत्वपूर्ण योजनाएं हैं किशोरियों और महिलाओं में माहवारी के विषय पर झिझक तोड़ने और उनके लिए आंगनवाडी केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती दरों पर सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की स्पर्श सेनेटरी नैपकिन योजना भी ऐसी ही एक महत्वपूर्ण योजना है। कोविड काल परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे उनकी पढ़ाई और पोषण में कोई बाधा ना आने पाए इसके लिए भी श्री धामी जी द्वारा मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत की गई है।

बाल अधिकारों के क्षेत्र में अपनी सूझबूझ और तकनिकी ज्ञान के महत्व को समायोजित करते हुए बाल रोग चिकित्सक को नामित कर एक नई परिपाटी शुरू की है। कोविड काल में बच्चों में टीकाकरण एवं पौष्टिक आहार को लेकर जो भी समस्याएँ हुई थी उन सभी को विभागीय स्तर पर आपने लीक से हटकर समाधान दिए हैं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, बाल देखरेख और सरक्षण, स्वराज पोर्टल बाल श्रम और बाल तस्करी का उन्मूलन एवं बच्चों में नशामुक्ति को लेकर विभिन्न सभी स्तरों पर कार्यशालाओं का आयोजनकिया गया इन सभी मुद्दों से जुड़ें कार्यों के लिए विशेष अभियान चलाकर समाज में जागरूकता एवं संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी है वोटबैंक की राजनीति को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने प्रदेश के नौनिहालों को सर्वाच्च प्राथमिकता प्रधान की हैं पोक्सो के अंतर्गत आर्थिक सहायता पोक्सो कोर्ट में में शीघ्र निस्तारण बाल श्रम उन्मूलन तथा अन्य सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम में उत्तराखण्ड ने सर्वोच्च प्रदर्शन किया है। मादक पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए 80 से अधिक दवा की दुकान का डिजिटलाइजेशन और कैमरे लग चुक है। विद्यालयों के आसपास अवांछित दुकानें को हटाया गया है और साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए दवा की दुकानों पर कैमरों द्वारा भी नजर रखी जा रही है हर थाने में एक बाल मित्र पुलिस अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित कर बच्चों के लिए एक भय मुक्त चाइल्ड फ्रेंडली स्टेट की तरफ हम तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।

डॉ गीता खन्ना

अध्यक्ष, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग

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