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Big breaking :-तस्वीर बताती हैं की इस साल चारधाम जाने के लिए कैसे टूट पड़े हैं श्रद्धालु , देखिए वीडियो

 

चारधाम यात्रा इतिहास में जुड़ा नया अध्याय: केदारनाथ में पहले दिन 23512 भक्तों ने दर्शन कर बनाया नया रिकॉर्ड, देखें तस्वीरेंभगवान केदारनाथ के कपाट खुलने पर उमड़े श्रद्धा के सैलाब ने चारधाम यात्रा के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है।

 

 

कोरोना की वजह से दो वर्षों से कपाट खुलने के मौके पर चला आ रहा सन्नाटा भक्तों के जयकारों से टूटा गया। कपाट खुलने के पहले दिन शाम चार बजे तक 23 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम में दर्शन किए।

यह पहले दिन भक्तों की संख्या का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मंदिर परिसर में सेना की बैंड धुनों, ढोल-तमाशे की थाप पर यात्री थिरकते रहे। सुबह 4 बजे तक केदारनाथ मंदिर परिसर का एक हिस्सा श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया था। मंदिर मार्ग पर जीएमवीएन तक भक्तों की लाइन लगी हुई थी। हिमालय से बहती बर्फीली हवा के बीच जैसे-जैसे कपाट खुलने का समय नजदीक आता रहा, भक्तों का उल्लास बढ़ता गया।

 

 

इस दौरान केदारपुरी बम-बम भोले के जयकारों से गूंजती रही। शुभ मुहूर्त पर सुबह 6:25 बजे कपाट खुलने के बाद बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शाम चार बजे तक केदारनाथ में 23,512 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके थे। इससे पहले 2019 में पहले दिन नौ हजार भक्तों ने दर्शन किए थे।

 

चारधाम यात्रा में उमड़ रही भीड़ ने जगाई उम्मीद, अब तक पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु करा चुके हैं पंजीकरण
चारधाम यात्रा में उमड़ रही भीड़ ने उम्मीद जगाई है। अब तक पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। बता दें कि गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट तीन मई को खुले जबकि केदारनाथ के कपाट छह मई को खुले। वहीं आठ माई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए

उत्तराखंड में दो साल तक कोरोना संकट के कारण प्रभावित रही चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। कोरोना के मद्देनजर इस बार स्थिति नियंत्रण में है और अब तक देश के विभिन्न कोनों से पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।

यह सिलसिला निरंतर बना हुआ है। इससे कोरोना के कारण पर्यटन व्यवसाय को लगे झटके से उबरने के दृष्टिगत राज्य के लिए नई उम्मीद का संचार हुआ है।

प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण उत्तराखंड में पर्यटन यहां की आर्थिकी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सामान्य परिस्थितियों में हर साल ही साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड की वादियों में आते हैं।

इनमें बड़ी संख्या चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों की होती है। राज्य के तीन जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी के निवासियों की आर्थिकी की रीढ़ चारधाम यात्रा को माना जाता है। इन्हीं तीनों जिलों में चारधाम अवस्थित हैं।

 

कोरोना संकट के कारण वर्ष 2020 व 2021 में चारधाम यात्रा बेहद सीमित कर दी गई थी। ऐसे में चारधाम यात्रा मार्गों पर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा था।इस बार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर स्थिति नियंत्रण में है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा भी तीन मई को गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो चुकी है। धामों के कपाट खुलने के अवसर पर श्रद्धालुओं की जिस तरह से भीड़ उमड़ी, उससे यह साफ हो गया है कि इस बार चारधाम यात्रा अभूतपूर्व रहने वाली है।

इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरों पर भी रौनक लौटी है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार पिछले दो सीजन की भरपाई हो सकेगी।

निश्चित रूप से चारधाम यात्रा को लेकर यात्रियों का उत्साह नई उम्मीद जगाने वाला है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना है कि कोरोना अभी पूरी तरह से गया नहीं है। ऐसे में आवश्यक है कि यात्रा के दौरान सभी कोविड सम्यक व्यवहार का अनुपालन करें।

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