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Big breaking :-अचानक किसान भवन पहुंचे कृषि मंत्री को देख कर्मचारियों में हडकम्प, मंत्री ने किया औचक निरीक्षण

अचानक किसान भवन पहुंचे कृषि मंत्री को देख कर्मचारियों में हडकम्प।

मंत्री ने किया औचक निरीक्षण, जानी कार्मिकों की समस्याएं।

कृषि मंत्री गणेश जोशी इन दिनों एक्शन में हैं। शाम तकरीबन 4ः00 बजे वह रिंगरोड स्थित, वीर शीरोमणि माधो सिंह भण्डारी, किसान भवन की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान किसान भवन में उपस्थिति सभी दफ्तरों तथा ऑर्गेनिक उत्पादों के विक्रय हेतु बनाए गए सेल आउटलेट का निरीक्षण किया।

 

 

 

प्रथम तल पर उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद में कुल 11 कार्मिकों के सापेक्ष 4 कार्मिक उपस्थित पाए गए दो अवकाश पर थे तथा शेष 5 सर्किट हाउस गार्डन में थे। द्वितीय तल पर मुख्य कृषि अधिकारी कार्यालय में 20 में से 17 कार्मिक उपस्थित पाए गए शेष अवकाश पर थे। उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद में 11 में से 9 कार्मिक उपस्थित तथा दो अवकाश पर थे। तृतीय तल पर उत्तराखण्ड स्टेट सीड एण्ड ऑर्गेनिक प्रोडक्शन सार्टिफिकेशन एजेंसी में 19 स्थायी कार्मिकों में से दो फिल्ड टूर पर तथा 4 अवकाश पर थे। शेष कार्मिक आपने कार्य पर उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्मिकों से कार्यस्थल के बारे में तथा उनकी समस्याओं पर भी बात की।

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इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार युवा कार्यशैली से काम कर रही है। मैं अपने अधीन विभागों में लगातार समीक्षा बैठकें और स्थलीय दौरे कर रहा हूं। उत्तराखण्ड राज्य की अवधारणा ही यही थी कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। कार्मिकों में देहरादून में आ कर जम जाने की प्रवृत्ति के खिलाफ हम पहले दिन से ही काम कर रहे हैं। जब तक अटेचमेंट के नाम पर कार्मिक देहरादून में जमे रहेंगे तो राज्य के पर्वतीय अंचलों में जहां वाकयी काम किया जाना है, वहां काम कैसे होगा। यह सभी के लिए स्पष्ट संदेश है कि सरकार परिणाम देने वाली कार्यशैली से काम कर रही है। इसी क्रम में आज मैं किसान भवन का निरीक्षण करने आया हूं। कर्मचारीगण सरकार के हाथ पैर हैं, परंतु हमें समझना होगा कि जनता को सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। हमारा जोर है कि पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। इसके लिए नौजवानों के लिए उनके घरों के पास ही लाभकारी कृषि तथा बागवानी के अवसर उपलब्ध करवाना हमारा लक्ष्य है।

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पर्वतीय क्षेत्रों में लाभाकारी कृषि के कई विकल्प हैं परंतु जमीन के रकबे एक स्थान पर ना होना भी पर्वतीय कृषि को हतोत्साहित करती है। इसलिए सरकार जल्द ही चकबंदी व्यवस्था लागू करने पर भी कार्य कर रही है। इससे जमीनें एक साथ उपलब्ध हो पाएंगी और हमारे नवजवान कृषि तथा बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हुए खेती में रोजगार के असीमित अवसरों को भुना पाएंगे।
इस दौरान, उत्तराखण्ड स्टेट सीड एण्ड ऑर्गेनिक प्रोडक्शन सार्टिफिकेशन एजेंसी के संयुक्त निदेशक डॉ एच सी सगटा भी उपस्थित रहे।

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