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Big breaking:-तो क्या धामी सरकार बदलने जा रही स्टोन क्रेशर नीति , सूत्रों की माने तो काफी राहत देने की तैयारी

उत्तराखंड में लगता है धामी सरकार जल्द ही स्टोन क्रेशर नीति , स्क्रीनिंग प्लांट मोबाइल स्टोन क्रेशर मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट की नीति बदलने जा रही है जी हां शासन में इस पर मंथन चल रहा है और ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया है सूत्र बताते हैं कि इस

ड्राफ्ट में काफी कुछ चीजें बदली गई हैं जिसके तहत स्टोन क्रेशर स्क्रीनिंग प्लांट की स्थापना व प्लांट परिसर में उप खनिजों के भंडारण के आवेदन 6 प्रतियों में जनपदीय भूतत्व खनिकर्म कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा निदेशक द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र का परीक्षण करने के उपरांत जिला अधिकारी को अग्रसारित किया जाएगा आवेदन में प्लांट व भंडारण हेतु अधिकृत परामर्शदाता आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित प्रोजेक्ट रिपोर्ट जिसमें निर्धारित मानकों के अनुरूप समस्त आवश्यक संरचनाएं वह हरित पट्टिका आवागमन का मार्ग कार्यालय धर्म कांटा भंडारण स्थल आदि के क्षेत्रफल को मानचित्र पर दर्शाए गया हो वही दून घाटी क्षेत्र में एक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भारत सरकार के पत्र के अनुसार स्टोन क्रेशर को ऑरेंज केटेगरी में श्रेणी ज्ञात किए जाने तथा पर्यावरणीय जलवायु परिवर्तन निदेशालय भारत सरकार की अधिसूचना के द्वारा दून घाटी में ऑरेंज कैटेगरी के उद्योगों की स्थापना के लिए पर्यावरणीय अनुमति की अनुमन्यता किए जाने के दृष्टिगत तमाम अनुमति यों के बाद ही स्टोन क्रेशर यहां पर संचालित किए जा सकेंगे

सूत्र बताते हैं कि इस बार स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट की स्थापना के लिए आवेदन शुल्क के रूप में ₹10000 जमा किया जाना अनिवार्य होगा जो नॉन रिफंडेबल होगा इसके अलावा दूरी के मानक भी इस प्रकार होंगे जिसके तहत जनपद हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे से स्टोन क्रेशर की दूरी 1 किलोमीटर और स्क्रीनिंग प्लांट की दूरी 1 किलोमीटर होगी अन्य मैदानी क्षेत्रों में नदी के किनारे से 500 मीटर की दूरी होनी अनिवार्य होगी नदी नाला गधेरा मैं 50 मीटर की दूरी का प्रावधान रखा गया है सार्वजनिक धार्मिक स्थल मस्जिद गुरुद्वारा चर्च आदि के 300 मीटर की दूरी होनी अनिवार्य होगी स्कूल शैक्षणिक संस्थान अस्पताल या नर्सिंग होम आदि की दूरी 300 मीटर होनी अनिवार्य होगी वही पर्वतीय क्षेत्रों में स्टोन क्रेशर व स्क्रीनिंग प्लांट की स्थापना के लिए 50 मीटर की दूरी रखी गई है वही आबादी से 300 मीटर के अंतर्गत यदि 1 से 3 आवासीय भवन होने की दशा में संबंधित भवन स्वामियों की एनओसी देनी होगी इसके अलावा भी कई बदलाव स्टोन क्रेशर नीति में सरकार करने की तैयारी कर रही है माना जा रहा है जल्द से जल्द इन के आदेश जारी कर दिए जाएंगे

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