बदरी-केदार में बर्फबारी, निजमुला घाटी में बिजली ठप, मसूरी में बारिश तो सुवाखोली में पड़े ओले
आज सुबह से प्रदेशभर में बादल छाए हैं। आने वाले दिनों की बात करें तो 10 अप्रैल तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज बदला रहने की संभावना है।
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आज भी मौसम खराब है। वहीं, मौसम विभाग ने बिजली चमकने के साथ तेज तूफान चलने की चेतावनी है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय इलाकों में बिजली चमकने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
जबकि 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी का भी अनुमाान है। हालांकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। आने वाले दिनों की बात करें तो 10 अप्रैल तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज बदला रहने की संभावना है।
मसूरी में बारिश, सुवाखोली में पड़े ओले
शहर में रविवार को भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई इलाकों में हल्के ओले भी पड़े। इससे मौसम में ठंड बढ़ गई है। रविवार को सुवाखोली के आसपास जमकर ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों को नुकसान की आशंका है। दिन में भी ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। इससे पहले शनिवार को भी शहर में ओलावृष्टि हुई थी। सुवाखोली निवासी सुरेश कोहली ने बताया कि क्षेत्र में बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई है। ओला पड़ने से पहाड़, खेत खलिहान सफेद हो गए। फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है।
यमुनोत्री घाटी में बारिश-बर्फबारी
यमुनोत्री घाटी में बारिश बर्फबारी थमने का नाम नहीं ले रही है। यमुनोत्री धाम में सुबह कुछ समय बारिश बर्फबारी थमने के बाद दोपहर बाद फिर बर्फबारी शुरू हो गई। निचले इलाकों में बारिश होने से ठंड बढ़ गई है।
निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली ठप
चमाेली के निजमुला घाटी के 13 गांवों में बिजली सप्लाई पड़ी ठप। बारिश के बीच टिटरी तोक में चीड़ का पेड़ बिजली की लाइन पर गिरने से तार टूट गए हैं। जिससे घाटी में बिजली की सप्लाई ठप पड़ गई है। चमोली जिले में रविवार को दोपहर बाद से निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है।
बदरीनाथ की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर रविवार को बर्फबारी हुई, जबकि बदरीनाथ धाम सहित निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है। वहीं लगातार हो रही बारिश से काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को सुबह से मौसम बदला रहा। दोपहर बाद बदरीनाथ धाम में बारिश और ऊंची चोटियों में बर्फबारी शुरू हुई। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम में कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे धाम में मास्टर प्लान के कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं निचले क्षेत्रों में भी शनिवार और रविवार को दोपहर बाद बारिश हुई है। कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला होने से गोपेश्वर सहित आसपास के इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है। उधर लगातार हो रही बारिश से अब काश्तकार चिंतित होने लग गए हैं। पोखरी क्षेत्र के काश्तकारों का कहना है कि गेहूं, जौ की फसल पकने के कगार पर है। यदि बारिश का सिलसिला ऐसा ही रहा तो फसल पर इसका काफी बुरा असर पड़ेगा। साथ ही खेतों में नमी बढ़ने से धान की बुआई में भी दिक्कत आ सकती है।
केदारनाथ, तुगनाथ व मद्महेश्वर में हुई बर्फबारी
ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रसिद्ध शिव तीर्थ केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर मंदिर क्षेत्रों में रविवार को भी बर्फबारी हुई जबकि निचले इलाकों में तेज से बारिश हुई है। केदारनाथ धाम में बर्फ की सफेद चादर बिछी है। निचले इलाकों में रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 न्यूज़ हाइट के समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें
👉 न्यूज़ हाइट से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें
👉 न्यूज़ हाइट के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारी इन वैबसाइट्स से भी जुड़ें -





