पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून वसंत विहार थाने में अंकिता भंडारी मामले के कथित वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पद्मभूषण पर्यावरणविद डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक को शिकायत दी थी।
बता दें, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। अब केंद्र सरकार को मामले में फैसला लेना है। इससे पहले अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दाैरान सीबीआई जांच का अनुरोध किया था।
बता दें कि पुलिस महानिदेशक को उक्त शिकायत पर्यावरणविद पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा दी गई थी। पर्यावरणविद पदमभूषण डा. अनिल प्रकाश जोशी हिमालयन एनवायरमेंटल स्टडीज एंड कंजर्वेशन आर्गेनाइजेशन (हेस्को) के संस्थापक हैं। डा. जोशी पिछले चार दशकों से ग्रामीण विकास, पारिस्थितिकी संरक्षण, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और समाज-आधारित विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें ‘माउंटेन मैन’ और ‘अशोका फेलो’ के रूप में भी जाना जाता है। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण से भी नवाजा है।
पुलिस महानिदेशक को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि वर्तमान में चल रही चर्चाओं में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कुछ अज्ञात व्यक्तियों, जिन्हें वीआईपी के रूप में संदर्भित किया जा रहा है, के विरुद्ध एक स्वतंत्र अपराध में संलिप्त होने का आरोप लगाया जा रहा है।
यद्यपि अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों को सजा हो चुकी है, लेकिन इंटरनेट मीडिया में ऐसा कहा जा रहा है कि प्रकरण में कतिपय साक्ष्यों को छिपाया अथवा नष्ट किया गया है। ऐसे में वीआईपी कहे जा रहे किसी अज्ञात व्यक्ति से संबंधित इस स्वतंत्र अपराध की जांच किया जाना पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण प्रकरण उक्त अज्ञात वीआईपी से संबंधित है। इसलिए केस के तथ्यों को उजागर करने के लिए एक पृथक एवं स्वतंत्र निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। इसलिए इस मामले की पड़ताल निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराना जरूरी है।
जिसके बाद पुलिस महानिदेशक ने एसएसपी देहरादून अजय सिंह मामले की जांच सौंपी। उन्होंने थानाध्यक्ष वसंत विहार को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए और गृह विभाग को पत्र लिखकर सीबीआइ से जांच करवाने की संस्तुति की।
अंकिता भंडारी प्रकरण में मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ने माता-पिता से बातचीत के बाद उनकी भावनाओं के अनुरूप मामले में निर्णय लेने का भरोसा दिलाया था। दो दिन पहले अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने सीएम से मुलाकात की थी। अब प्रदेश सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।
खास बात यह है कि सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या में एसआईटी जांच के बाद न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई लेकिन 15 दिन पहले हत्या प्रकरण से जुड़े एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ा। ऑडियो में कुछ नेताओं के नाम सामने आने पर सियासी भूचाल आ गया।
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