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Big breaking:-अब हरदा ने स्पोंसर्ड पोल के मुद्दे पर विपक्षियों पर साधा निशाना , तो कांग्रेस जनों और जनता को भी किया आगाह

हरीश रावत आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर अपनी राय फेसबुक पर रखते हैं ऐसे में आज हरीश रावत ने सोशल मीडिया में चल रहे पोल पर निशाना साधा है हरीश रावत ने कहा कि#कांग्रेसजन और हमारे प्रशंसक व दोस्तो, आजकल कुछ पार्टियां अपने-अपने चेहरों को बूस्टअप करवाने के लिये सोशल मीडिया ग्रुपों का सहारा ले रहे हैं, उनमें इंटरनल वोटिंग करवा कर अपने लिए लोगों की पसंद को ज्यादा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। ये चुनाव के दिनों में एक स्वभाविक क्रिया है, मगर आपको #सावधान रहकर इस तरीके के किसी भी वोटिंग में अपनी पसंद व सोच को जरूर जाहिर करना चाहिए और अपने इर्द-गिर्द हो रहे ऐसे कार्यों से सावधान रहना चाहिये और उसका एक तरफा, दूसरे लोग लाभ ले जाएं उससे बचना चाहिए, क्योंकि ये स्पॉन्सर्ड पोल है और ऐसे पोलों का उद्देश्य स्पष्ट है।

 

मगर हमारा भी उद्देश्य स्पष्ट है कि वो प्रचार के लिए उसका लाभ न उठा सकें, इसलिये हमारे लोग भी ऐसे पोल्स में पार्टिसिपेट करें और अपनी पसंद को इंगित करें। मैं अपने उन सब साथियों से फिर से अपील करना चाहता हूंँ कि जो रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो सरकार की उपेक्षा से खिन्न हैं, वो हमारे कार्यकाल में नौकरी और रोजगार की वास्तविक स्थिति से परिचित हों, उसके विषय में जानकारी लें और यदि उनका मन यह कहता है कि #कांग्रेस, हरीश रावत उनके लिए दूसरों की तुलना में रोजगार का प्रबंधन बेहतर तरीके से कर सकता है, उनके पास योजनाएं हैं, उनके पास सोच हैं तो बेहिचक नारों से बचकर हमारे साथ करके खड़े हों। जुमलेबाज पार्टी और पार्टियों के नेताओं से सावधान रहें, जो यहां आकर रोजगार के बड़े दावे कर रहे हैं #दिल्ली में उन्होंने केवल हमारी नकल करके कुछ अंशकालीन शिक्षक रखे, उसके अलावा उनकी नौकरी का कोई ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है और भाजपा तो सरकारी नौकरियों की दुश्मन है।

 

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#क्लास_फोर्थ में पहले भर्तियां होती थी, निर्धन व दलित परिवार के बच्चे वहां नौकरी पाते थे, इन्होंने सरकारी नौकरियों में क्लास फोर्थ की भर्ती को समाप्त कर दिया और अब रिक्त पड़े हुए पदों को मृत घोषित कर रहे हैं, राष्ट्रीय स्तर पर लाखों-लाख पद रिक्त पड़े हुये हैं, शायद यह संख्या आज 30 लाख से ऊपर हो चुकी है। मगर कहीं भर्तियों का नामोनिशान नहीं है। उत्तराखंड में भी 30 हजार से ज्यादा पद रिक्त हो चुके हैं, लेकिन भर्तियों का या तो नामोनिशान नहीं है, या केवल ढकोसला हो रहा है। हमने 3 साल के अंदर 32 हजार लोगों को सरकारी नौकरियों पर लगाया और 18000 पदों की भर्ती के लिए अधियाचन प्रारंभ किया। हमने रोजगार का इस तरीके से प्रबंधन किया कि राज्य के अंदर बेरोजगारी वृद्धि दर जो 2013 में 8 प्रतिशत के करीब थी, उसको हम घटाकर के 2.5 प्रतिशत लेकर के आये जो भारत के अंदर बेरोजगारी की वृद्धि दरों में न्यूनतम थी। हमारा रिकॉर्ड देखें हमारे विषय में सोचें और हमारा साथ दें।

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कुछ लोग बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं और दूसरों से पूछ रहे हैं कि तुम्हारा रोड मैप क्या है? मैं ऐसे सभी #दावेदारों से कहना चाहता हूंँ पहले उस विषय पर अपना रोड मैप में बताएं, तब दूसरों से सवाल करें कि इस पर तुम्हारा रोड मैप क्या है! अपना रिकॉर्ड बताएं तब दूसरों से सवाल करें कि इसमें तुम्हारा रिकॉर्ड क्या है! #उत्तराखंड की तुलना किसी दूसरे राज्य से नहीं हो सकती है, हर राज्य की अपनी-अपनी भिन्न परिस्थितियां हैं, जीवन यापन का स्तर अपना-अपना है, आय के स्रोत अपने-अपने हैं, इसलिये उत्तराखंड के संदर्भ में जब कोई बात कहे तो उत्तराखंड को ध्यान में रखकर के कहे और उसके लिए रोड मैप बताएं कि यह उनका रोडमैप है और यदि ऐसे लोग रोड मैप बताने में अक्षम सिद्ध होंगे तो मैं #बिजली के विषय में भी और #कुकिंग_गैस के विषय में भी, #नौकरियों के विषय में भी अपना रोड मैप राज्य की जनता के सामने रखूंगा।

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