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Big breaking:-चुनावी साल में भी नही देगी राज्य सरकार बढ़ती पेट्रोल डीजल की कीमतों से राहत , कांग्रेस हो रही और मुखर

देश में लगातार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है वही उत्तराखंड में भी पेट्रोल डीजल कुछ जगहों पर 100 के पार हो गया है ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि चुनावी समर को देखते हुए बीजेपी पेट्रोल और डीजल के दामों में छूट दे सकती है लेकिन ऐसा हुआ नहीं ऊपर से बीजेपी सरकार ने यह भी कह दिया कि अभी किसी तरह की छूट मिलने की कोई उम्मीद नहीं है जिससे आम जनता को निराशा हाथ लगी है

 

आपको बता दें पिछले दिनों विधानसभा में सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विपक्ष ने जब सरकार से पूछा कि क्या वह पेट्रोल और डीजल में टैक्स कम करने पर विचार कर रही है तो उत्तराखंड सरकार  ने साफ कह दिया कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करने पर विचार नहीं कर रही है। इसके लिए सरकार ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाला दिया है। अलबत्ता, एलपीजी दाम घटाने पर सरकार ने जरूर नरम रुख अपनाया है। मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सवाल उठाया कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की कीमतों को कम करने के लिए क्या सरकार राज्य करों को कम करेगी‌, उन्होंने सरकार से कर प्रणाली का विवरण भी देने को कहा।

इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री बंशीघर भगत ने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर से ही महंगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण राज्य में भी राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ा है, इसलिए फिलहाल सरकार पेट्रोल- डीजल पर राज्य कर कम करने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी का मूल्य भी जीएसटी परिषद तय करती है।
एलपीजी पर भी फिलहाल राज्य कर घटाने का प्रस्ताव नहीं है, अलबत्ता इस पर आगे विचार किया जा सकता है।

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जवाब से असंतुष्ट काजी निजामुद्दीन ने कहा कि सरकार को कोविड के कारण अपना खजाना खाली होने की तो चिंता है, लेकिन आम आमदी की जेब खाली होने की चिंता नहीं है।
लिखित जवाब में आया स्पष्ट जवाब
सवाल के जवाब में पहले संसदीय कार्यमंत्री ने कहा वो लिखित जवाब देने के बजाय सदस्यों को बातचीत के जरिए इस सवाल का जवाब देना चाहेंगे। इस पर नेता विपक्ष प्रीतम सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मंत्री दो टूक जवाब देने के बजाय इधर – उधर की बातें कर रहे हैं। बाद में लिखित जवाब पढ़ते हुए संसदीय कार्यमंत्री ने इस विषय पर सरकार का स्पष्ट जवाब पेश किया।
राज्य कर
पेट्रोल – 25 प्रतिशत या 19 रुपए प्रति लीटर
डीजल – 17.19 प्रतिशत या 10.41 रुपए
एपीजी – 09 प्रतिशत (जो भी अधिक हो)

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