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Big breaking :-NEWS HEIGHT DIGITAL में बोले हरीश रावत, लालकुआं जाते ही मुझे पता लग गया था मैं यहाँ नहीं जीत पाउँगा, कहा मुझे गाली देकर अगर कोई नेता बनता है तो बन जाए सुनिए कई बड़ी बातें

 

 

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने न्यूज़ हाइट digital के साथ हुए इंटरव्यू माना की हमें लग रहा था जनता सरकार हटाने के मूड में थे लेकिन एकाएक 3 दिन में ऐसा  पता नहीं क्या हुआ हम हार  गए  उनके अनुसार लोगो को लगता था उत्तराखण्डीयत के लिए हरीश रावत जरुरी हैं लेकिन आंकड़े अलग आया उनके अनुसार हम तो हम राजनीतिक विश्लेषण भी और राजनीतिक पंडित भी इस बात को लेकर मान चुके थे की कांग्रेस आ रही हैं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा हरीश रावत और कांग्रेस को लोगों ने एक साथ खड़ा करके देखा जिसके बाद जब हमारी हार हुई तो मैंने साफ तौर पर कहा कि किसी की हरित हार नहीं जिम्मेदारी मेरी है

 

वही हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि भाजपा वालों को भी इस बात का यकीन नहीं था कि वह इतना प्रचंड बहुमत पाएंगे इसलिए वह अपना भी प्लान सी प्लान तमाम प्लान बना कर बैठ गए थे उनके वरिष्ठ नेता यहां आकर कैंप करने लगे थे भाजपा भाजपा ने यह मान लिया था कि वह ईवीएम से नहीं जीत रहे हैं लेकिन हम लोग हार गए

 

वही हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि लोगों ने यह बात कही कि महिलाओं ने राशन के मामले ने बीजेपी को जीत दर्ज कराई लेकिन उनके अनुसार इससे अच्छा तो हमारी पेंशन  ने काम  किया

हरीश रावत ने साफ कहा की हम एकजुट होकर लड़े सबकुछ ठीक था अब तो लगता हैं प्रारब्ध ही नाराज रहा होगा उनके अनुसार बीजेपी के धन बल से हम जरूर पिछड़ गए लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमने कहीं पर भी चूक करी है चुनाव लड़ने में और एक हार और मुझको देखनी मूवी

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हरीश रावत ने पिछले 4 चुनावों में हार के मुद्दे पर बड़ी बात कही कहा कुछ गलतियां मेरी खुद रही हैं लोकसभा में लड़ना ही नहीं चाहता था फिर हरिद्वार की जगह नैनीताल चला गया जहां पर मेरी बिल्कुल तैयार ही नहीं थी वही हरीश रावत ने कहा 2017 में मैं रामनगर से चुनाव लड़ना चाहता था लेकिन लड़ गया किच्छा से वही इस बार भी मैं रामनगर लड़ना चाहता था लेकिन पहुंच गया लाल कुआं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि कई बार अपनी हार की स्क्रिप्ट तो मैं खुद ही लिख देता हूं. लेकिन मेरी उत्तराखंड के लोगो में मेरा परम् विश्वास हैं की ये मुझे ख़त्म नहीं करेंगे लेकिन क्या करें

हरीश रावत ने अपनी पारंपरिक सीट चुनने के मुद्दे पर बोला कि मैं धारचूला चुन सकता था जहां से मैं जीता था लेकिन जिस व्यक्ति ने मेरे लिए सीट खाली की थी उसका क्या कसूर क्या उसका हक मार दूँ रानीखेत मेरी घर की सीट थी मैं कैसे किसी का हक मार लू हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा इसीलिए मैं इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहता था मैंने पार्टी को कहा था कि मैं चुनाव लडूंगा और अगर पार्टी चाहती तो मुझे बाद में मुख्यमंत्री बनाती तो सीट खाली की जा सकती थी जब बैठे तो एक बात आ गई की मेरी वजह से पार्टी ना हार जाए इसलिए मैंने कहा था रामनगर से मुझे चुनाव गढ़वा दिया जाए क्योंकि मुझे वहां पर जीत के आसार पूरी तरीके से लग रहे थे  मैं तो बचपन से वहीं रहा हूं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कुछ लोग कह रहे हैं कि किसी ने खेत सजाया और काटने कोई और आ गया मैं भी तो वहां आता जाता रहता था तो यह बात ठीक नहीं है वही हरीश रावत ने कहा की मैं भारी मन से लालकुआं गया था,

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हरीश रावत ने साफ  कहा कि मैंने कह दिया था मैं लालकुआं से चुनाव नहीं लड़ रहा क्योंकि वहां पर मैंने स्थिति देख ली थी एक तो हमारी बेटी वहां से चुनाव लड़ रही थी जो नहीं मानी वही जो अन्य लोग हमारे साथ थे लेकिन उनके सपोर्टर दिल से साथ नहीं आ पाए थे.उनके अनुसार एक बार तो मन बना लिया था कि नामांकन ही ना करूं और किसी और को टिकट दे दूं हरीश रावत ने कहा कि मैंने पहले ही कह दिया था मै वहां चुनाव हार रहा था ये मुझे पहले से पता था.

 

वही रंजीत रावत द्वारा हरीश रावत पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया तो हरीश रावत ने सीधे तौर पर कहा कि यह सभी के पास लिस्ट है कि कौन किस की पैरवी कर रहा था यदि उस लिस्ट से लग रहा था कि फलाने आदमी ने हरीश रावत से टिकट खरीद लिया तो उस व्यक्ति का नाम तो बता दे कोई बता दें मुझे बता तो दो मैंने जिनकी वकालत की हैं पूरा उत्तराखंड जनता हैं यदि लोगो को लगता हैं पड़े पे दो लात मारने से कोई पहलवान बनता हैं तो बने जंग मै हारा हुआ सेनापति या तो जेल जाता हैं या लात खाता हैं वही हरीश  रावत  ने साफ तौर पर कहा कि मुझे अगर गाली देकर ही कोई नेता बनता है और उत्तराखंड उन्हें नेता बनाता है तो बनाएं

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वही मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मामले में हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से इस मुद्दे को कैप्चर किया और तमाम लोग इस मुद्दे को उठाते दिखे उसे साफ लगता है कि आखिरकार किस तरीके से इस पूरे मामले को प्लांट किया गया वहीं हरीश रावत ने साफ तौर पर कहा कि पूर्व विधानसभा में मैं नहीं चाहता था कि आयेंन्द्र शर्मा को टिकट दिया जाए मैं तो चाहता था गुलजार, लक्ष्मी या चौहान  को टिकट  मिले लेकिन हुआ नहीं उनके अनुसार जिसने पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा मैं नहीं चाहता  था  उसे टिकट  मिले

 

 

 

 

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