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Big breaking :-महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनेगी शूटिंग एकेडमी, भविष्य के ओलिंपियन निशानेबाज होंगे तैयार

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनेगी शूटिंग एकेडमी, भविष्य के ओलिंपियन निशानेबाज होंगे तैयार

उत्तराखंड के देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में नवनिर्मित त्रिशूल शूटिंग रेंज को शूटिंग एकेडमी में तब्दील किया जाएगा। इस एकेडमी के संचालन में सेना और पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। शूटिंग एकेडमी के बनने से उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के निशानेबाज यहां विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। आर्मी और पुलिस के निशानेबाज भी शूटिंग रेंज में निशानेबाजी का प्रशिक्षण और अभ्यास कर सकेंगे।

भविष्य के ओलिंपियन निशानेबाज तराशने के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में नवनिर्मित त्रिशूल शूटिंग रेंज को शूटिंग एकेडमी बनाने के लिए खेल विभाग ने विभागीय कसरत तेज कर दी है। शूटिंग एकेडमी के संचालन में आर्मी और पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

शूटिंग एकेडमी के बनने से उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश भर के निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। आर्मी और पुलिस के निशानेबाज भी शूटिंग रेंज में निशानेबाजी का प्रशिक्षण और अभ्यास कर सकेंगे।
राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए स्पोर्ट्स कालेज में करोड़ों की लागत से विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज का निर्माण किया गया है। राष्ट्रीय खेल सम्पन्न होने के बाद शूटिंग रेंज के संचालन और शूटिंग उपकरणों का रखरखाव राज्य सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण चुनौती है।

इसका मकसद आने वाले ओलिंपिक के लिए उत्तराखंड से निशानेबाज तैयार करना है। अब तक राज्य के निशानेबाजों को शूटिंग के लिए दिल्ली और भोपाल की एकेडमी पर निर्भर रहना पड़ता था लेकिन उत्तराखंड में शूटिंग अकादमी बनने के बाद राज्य के निशानेबाज यहां विश्वस्तरीय प्रशिक्षण ले सकेंगे।
वहीं निशानेबाजी के क्षेत्र में नई पौध भी तैयार हो सकेगी। आधुनिक शूटिंग उपकरणों के मामले में यह देश की पहली और क्षमता के मामले में भोपाल और दिल्ली के बाद देश की तीसरी शूटिंग रेंज है। शूटिंग अकादमी में 20 करोड़ की लागत से स्विटजरलैंड से खरीदे गये 160 इलेक्ट्रानिक टारगेट लगे हैं। इस तरह के अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक टारगेट का इस्तेमाल पूर्व में पेरिस ओलिंपिक में किया गया था।
25 मीटर रेंज में दिल्ली से आगे निकल सकता है दून
दिल्ली की करनी सिंह रेंज में 25 मीटर की स्पर्धा के लिए 60 टारगेट क्षमता है। वहीं राष्ट्रीय खेलों के लिए त्रिशूल शूटिंग रेंज में 60 टारगेट लगाये गये हैं लेकिन इस रेंज की पूरी क्षमता 65 टारगेट की है। आने वाले दिनों में जरूरत के हिसाब से यहां 65 टारगेट फिक्स किये जा सकते हैं।

भविष्य के ओलिंपियन निशानेबाजों को तराशने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर त्रिशूल शूटिंग रेंज को शूटिंग एकेडमी बनाने के लिए तैयारी तेज हो गई है। शूटिंग एकेडमी के संचालन के लिए आर्मी व पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। शूटिंग एकेडमी बनने से नये निशानेबाज तैयार करने के साथ ही राज्य के निशानेबाजों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। -अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव, खेल

वहीं 10 मीटर की रेंज में 60 टारगेट और 25 मीटर की रेंज में 40 टारगेट यहां लगे हुए हैं। शूटिंग कोच अरुण सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय खेलों में निशानेबाजों ने यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिकार्ड भी तोड़े हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि शूटिंग रेंज विश्वस्तर के मानकों को पूरा करती है। यहां लगे अत्याधुनिक शूटिंग टारगेट से सौ फीसदी सटीक स्कोरिंग हो रही है।

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Author: Pankaj Panwar
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