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Big breaking:- ” जय श्री गणेश ” को लेकर हरदा और बीजेपी आमने सामने

हरदा ने पिछले दिनों से जय श्री गणेश का उच्चारण करना क्या शुरू किया राजनीतिक गलियारों में इस को लेकर खूब चर्चाएं होने लगी वहीं अब कांग्रेस और बीजेपी श्री गणेश के नाम पर आमने-सामने हैं एक दूसरे पर ऐसे सवाल खड़े कर रहे हैं जैसे श्री गणेश पर केवल इन्हीं का अधिकार हो

हरीश रावत का बीजेपी पर आरोप है कि #भाजपाइयों, जय श्री गणेश से डर गये! बहुत अखर रहा है आपको भगवान गणेश जी का आशीर्वाद लेकर उत्तराखंड के विकास के लिये संघर्ष करते हुये Ganesh Godiyal का स्वरूप और उनके द्वारा उठाये गये मुद्दों को देखकर के? अभी देखो, आगे-आगे होता है क्या!

मैंने 1 अगस्त, 2021 को #हर_हर_महादेव के नारे के साथ, जय-जय भगवान शिव के नारे के साथ अपने अभियान की शुरुआत की थी। अब #गणेश गोदियाल जी, #गणेश_वंदना के बाद अपने लक्ष्यों के #तीर छोड़ रहे हैं, उन लोगों पर जिन्होंने लोगों के जीवन को कठिन कर दिया है तो थोड़ा सा दर्द आपको हो रहा है, मैं समझता हूंँ लेकिन पाप का दंड तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर भुगतना ही पड़ता है। आपने #भाजपा के दोस्तो जनहित के साथ जो छल किया है, उसका दंड तो आपको भुगतना ही पड़ेगा।
#जय_श्री_गणेश

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वहीं  भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस अवसर के हिसाब से राजनैतिक चोला ओढ़ती और उतारती रही है और इसी के चलते वह जनता का भरोसा खो चुकी है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले अब सनातन और हिन्दू धर्म पर ज्ञान वाचन करने लगे हैं।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत के सनातन सम्बन्धी बयांन को उन्होंने चुनाव से पहले अचानक हृदय परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर जनेऊ धारण कर चुके हैं। लेकिन वह सनातन और हिन्दू विचार धारा को लेकर हमेशा ही बयानबाजी करते रहे हैं। चुनाव से पूर्व हुई उनकी यात्रा का उनको और कांग्रेस को लाभ नहीं मिला।
चौहान ने कहा कि भाजपाई हिन्दू और सनातन के ध्वजवाहक है इस पर उन्हें गर्व है। अपने धर्म के अलावा दूसरे धर्मो का भी सम्मान करते है, लेकिन इसे अवसर के रूप में नहीं देखते हैं।

उतराखंड में भी कांग्रेस गणेश परिक्रमा का राग अलाप कर खुद को सनातनी बता रही है,लेकिन इतना ही प्रयाप्त नहीं है,क्योंकि कांग्रेस का यह आडम्बर महज चुनाव तक है न ही इससे कांग्रेस को मिलने वाला है क्योंकि जनता हकीकत से वाकिफ है। पिछली सरकार में कांग्रेस तुष्टीकरण के चलते ही मुकाबले से बाहर हो गई थी। राष्ट्रवाद हो या राम मंदिर अथवा धर्म से जुड़ा कोई भी मसला, कांग्रेस तब सेकुलर बन जाती है। उन्होंने कहा कि अपनी सहूलियत से बदलाव करने वालो की निष्ठा पर सवाल उठते रहते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हृदय परिवर्तन यात्रा चल रही है,लेकिन पिछले कार्यकाल में घपले,घोटाले और अराजकता का जो माहौल था उसे जनता भूली नहीं है और उसे पाश्चाताप यात्रा भी निकालकर जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए।

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