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Big breaking:-यहाँ सालों बाद मिलने जा रहा शिक्षक को इंसाफ , जानिए क्या है मामला

किसी ने सही कहा है सच्चाई परेशान हो सकती है पराजित नही जी हाँ ऐसा ही कुछ हुआ एक शिक्षक के साथ जिसे 4 साल बाद इंसाफ मिलने जा रहा है

जी हा शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार में कथित पक्षपात के खिलाफ चार साल से संघर्ष कर रहे पौड़ी के शिक्षक केसर सिंह असवाल को आखिरकार इंसाफ मिलने जा रहा है। लोक सेवा अभिकरण ने असवाल के दावे को सही मानकर वर्ष 2017 के शैक्षिक पुरस्कार में पौड़ी के कोटे के पुरस्कार को स्थगित करने के आदेश दिए।  शिक्षा विभाग को आदेश दिया गया है कि वो नए सिरे से असवाल के दावे के आधार पर चयन प्रक्रिया को पूरा करे। इस विवाद का समाधान होने तक पौड़ी कोटे का पुरस्कार स्थगित रहेगा। अभिकरण के इस फैसले को जहां असवाल ने इंसाफ की जीत बताया है। वही शिक्षा विभाग में इस फैसले से खासी हलचल है। अभिकरण का आदेश 19 अगस्त 2021 को आया है।

यह है मामला: असवाल ने पहले हाईकोर्ट और फिर लोक सेवा अभिकरण में अपने साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ रिट दायर की थी। पॉलिटिकल साइंस प्रवक्ता असवाल पौड़ी के उज्याड़ी जीआईसी में कार्यरत हैं। असवाल का कहना है कि वर्ष 2017 के पुरस्कार के लिए पहले जिला स्तरीय और उसके बार मंडल स्तरीय चयन समिति ने उनको सर्वाधिक अंक दिए थे। मंडल ये सूची फाइनल होकर राज्य स्तरीय चयन समिति को भेज दी गई। असवाल का आरोप है कि राज्य स्तर पर समिति ने अधिक अंक होने के बावजूद उनकी जगह दूसरे नंबर पर रहे  शिक्षक को पुरस्कार दे दिया। अभिकरण ने लंबी सुनवाई के बाद असवाल का पक्ष सही पाया। शिक्षा सचिव को चयन प्रक्रिया का दोबारा मूल्यांकन करने के आदेश दिए हैं।

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