हाईकोर्ट ने खारिज की केदारनाथ मंदिर में रावल पद के संबंध में दायर याचिका, जानें पूरा मामला
याचिकाकर्ता ने कहा था कि केदारनाथ मंदिर में रावल पद के लिए उनकी उम्मीदवारी पर श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम-1939 और परंपराओं के अनुरूप विचार किया जाए
केदारनाथ मंदिर में रावल पद पर नियुक्ति मामले में दायर याचिका को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने समयपूर्व मानते हुए खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में रावल का पद रिक्त नहीं है और केवल आशंका के आधार पर ऐसी याचिका सुनवाई योग्य नहीं
याचिकाकर्ता शांतवीर शिवाचार्य हिरेमठ व एक अन्य ने मांग की थी कि केदारनाथ मंदिर में रावल पद के लिए उनकी उम्मीदवारी पर श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम-1939 और परंपराओं के अनुरूप विचार किया जाए। साथ ही 22 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित कपाट उद्घाटन समारोह केवल वर्तमान रावल या नियुक्त पुजारी से ही कराए जाने के निर्देश देने की भी प्रार्थना की गई थी।
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मंदिर में वर्तमान रावल अभी पद पर कार्यरत हैं और पद पर कोई रिक्ति नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याचिका केवल इस आशंका पर दायर की गई है कि बिना विधिक प्रक्रिया के किसी अन्य को नियुक्त किया जा सकता है जबकि अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में इस स्तर पर कोई अधिकार उत्पन्न नहीं होता।
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