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Big breaking:-पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के पोते और उत्तराखंड कैडर के आईएएस रहे केशव देसीराजू का निधन हो गया , उत्तराखंड से था खासा लगाव

देश के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के पोते और पूर्व स्वास्थ्य सचिव केशव देसीराजू का  निधन हो गया. वह उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी थे.

उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग में कई महत्वपूर्ण फैसले प्रमुख सचिव रहते हुए केशव देसीराजू द्वारा लिए गए उनमें सबसे प्रमुख उत्तराखंड में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को शुरू किया जाना था इसके अलावा भी उत्तराखंड से पूर्व आईएएस का खासा लगाव था अल्मोड़ा के दूरस्थ इलाके में उन्होंने अपना घर भी बनाया था जहां वह कभी-कभी रहने भी जाते थे उत्तराखंड में उनके बेहद करीबी माने जाने वाले अनूप नौटियाल ने उनके जाने को अपना व्यक्तिगत नुकसान बताया उनके अनुसार अगर केशव देसीराजू उत्तराखंड में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ना होते तो शायद 108 सेवा उत्तराखंड में नहीं चल रही होती विडंबना देखिए जिन सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के वह पोते हैं आज उन्हीं के नाम पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

2016 में वह सेवानिवृत्त हो गए थे.
यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान 2014 में उनके तबादले को लेकर विवाद हो गया था. उस समय वह केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव थे. विवाद इस बात को लेकर था कि बिना अगले स्वास्थ्य सचिव का नाम क्लियर हुए ही, उन्हें पद से हटा दिया गया था. वह इस पद पर मात्र एक साल तक रहे थे.
यही सवाल जब पूर्व कैबिनेट सचिव टीएस सुब्रमण्यम से पूछा गया था, तो उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट का उल्लंघन बताया था. कोर्ट के अनुसार सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनाती के बाद उनका कार्यकाल दो साल का होना चाहिए.
हालांकि, यही सवाल जब देसीराजू से पूछा गया तो उन्होंने इसे बहुत अधिक तूल नहीं दिया. उन्होंने कहा था कि तबादला तो रूटिन मामला होता है.

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उस समय की मीडिया रिपोर्ट बताती है कि उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद के कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी.
इन्हीं में से एक फैसला था- इंडियन मेडिकल काउंसल में डॉ केतन देसाई की वापसी. देसाई पर 2010 में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. सीबीआई ने उनकी गिरफ्तारी की थी
[05/09, 14:24] Pankaj Panwar: मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रायबरेली में एम्स खोलने की घोषणा होने के बाद बहुत सारे क्लियरेंस की जरूरत थी. देसीराज एक सख्त अधिकारी थे. इसलिए उन्होंने पूरा ब्योरा मांगा. इस फैसले से भी स्वास्थ्य मंत्री थोड़े असहज थे.
देसीराजू ने स्वास्थ्य विभाग में 2010 में बतौर अतिरिक्त सचिव ज्वाइन किया था. 2012 में उनका प्रमोशन स्पेशल सेकेट्री के तौर पर किया गया था. एक साल तक स्वास्थ्य सचिव रहे. उसके बाद स्वास्थ्य सचिव पद से हटाकर उन्हें उपभोक्ता मामलों के विभाग में भेज दिया गया था. यहीं से वह 2016 में रिटायर हुए.

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रिटायरमेंट के बाद वह पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन बने थे.
उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र से एमएए किया था. पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में जॉन एफ कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्मेंट से एमए की डिग्री ली थी

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