टेंडर में गड़बड़ी पर निदेशक खफा, प्राचार्य से जवाब तलब, जांच कमेटी के गठन की भी तैयारी
निविदा में हिस्सा लेने के लिए किसी भी दुकानदार की सालाना आय (सिक्योरिटी की राशि) 10 लाख रुपये अनिवार्य थी। इसे बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दिया गया है। इस मामले में दुकानदार एवं व्यापार समिति की ओर से स्वास्थ्य सचिव को शिकायत की गई थी।
दून मेडिकल कॉलेज में टेंडर गड़बड़ी पर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य ने आदेश जारी कर प्राचार्य से जवाब तलब किया है। इस मामले में निदेशालय स्तर पर जांच कमेटी के गठन की भी तैयारी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक निविदा में हिस्सा लेने के लिए किसी भी दुकानदार की सालाना आय (सिक्योरिटी की राशि) 10 लाख रुपये अनिवार्य थी। इसे बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दिया गया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब हाल ही में बिस्तर, स्टेशनरी, सैनिट्री, कंप्यूटर और बिजली के सामान की खरीदारी के लिए टेंडर निकाले गए थे।
इस मामले में दुकानदार एवं व्यापार समिति की ओर से स्वास्थ्य सचिव को शिकायत की गई थी। सचिव के निर्देश पर इस मामले में दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य से जवाब मांगा गया है।
..निदेशक डॉ. अजय आर्य ने बताया कि इसके नियमों में क्यों बदलाव किया गया, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। निदेशालय स्तर पर जांच कमेटी का गठन कर इसकी जांच की जाएगी। गड़बड़ी सिद्ध होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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