Delhi news

Big breaking:-दिल्ली में लग सकता है 2 दिन का Lockdown , अब ये बन रहा कारण

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में भीषण वायु प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो सरकार पराली जलाने, वाहनों, पटाखों के कारण बढ़े हुए प्रदूषण स्तर को नीचे लाने के लिए दो दिनों के लॉकडाउन  की घोषणा कर सकती है।

 

 

 

 

शुरूआत में, मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि स्थिति बहुत खराब है। हम घरों में मास्क पहनने को मजबूर हैं। यह एक बुरी स्थिति है। मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को कैसे नियंत्रित करें, दो दिन का लॉकडाउन या कोई और उपाय। दिल्ली में लोग कैसे रहेंगे?

मेहता ने NCR और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए तर्क शुरू किया, जिसमें कृषि पराली जलाने से निपटने के लिए उठाए गए कदम शामिल थे। बेंच में जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और सूर्यकांत ने कहा कि किसानों को दोष देने के बजाय, सभी राज्य सरकारों और केंद्र को वायु प्रदूषण के मुद्दे को हल करने के लिए एक साथ आना चाहिए।

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-पीएम मोदी की रैली से पहले उत्तराखंड पुलिस के 26 जवान कोरोना संक्रमित

 

 

 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसानों द्वारा पराली जलाना केवल 25 प्रतिशत प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है, और शेष 75 प्रतिशत प्रदूषण पटाखा जलाने, वाहनों के प्रदूषण, और धूल से होता है। मुख्य न्यायाधीश ने मेहता से कहा कि पटाखों, वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी तंत्र कहां है। प्रदूषण के स्तर को देखें। जिसके जबाव में कहा गया कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें इस मुद्दे को हल करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-UGC के बड़े आदेश , अब PHD में एडमिशन लेने के लिए करनी होगी ये परीक्षा पास

 

 

 

 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमें कुछ नहीं करना है, सरकारों को ज्वलंत समाधान करने चाहिए, प्रदूषण कैसे नियंत्रण करना है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दो से तीन दिन की अल्पकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। मेहता ने स्पष्ट किया कि वह यह नहीं कह रहे हैं कि केवल किसान ही गंभीर वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं जिसने दिल्ली-एनसीआर को अपनी चपेट में ले लिया है।

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-अपने पोतों को देखने आई बुजुर्ग महिला को गुलदार ने बनाया निवाला , गाँव मे हड़कंप

 

 

 

 

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने बताया कि एक तरफ दिल्ली सरकार ने स्कूल खोल दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ एम्स निदेशक की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रदूषण, कोविड और डेंगू एक तिहरी मार है। शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि वह सोमवार को राजधानी में गंभीर वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए आपातकालीन कदम उठाने के फैसले के बारे में उसे सूचित करे।

 

 

 

 

शीर्ष अदालत एक नाबालिग लड़के की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पराली जलाने और उच्च प्रदूषण स्तर से जुड़े अन्य कारकों के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई थी।

Ad
Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 न्यूज़ हाइट के समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 न्यूज़ हाइट से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 न्यूज़ हाइट के फेसबुक पेज़ को लाइक करें


अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारी इन वैबसाइट्स से भी जुड़ें -

👉 www.thetruefact.com

👉 www.thekhabarnamaindia.com

👉 www.gairsainlive.com

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top