पहाड़ों पर मंडराया हिमस्खलन का खतरा, डीजीआरई ने किया चमोली जिले के लिए अलर्ट, प्रशासन सर्तक
पहाड़ों पर हिमस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। डीजीआरई की ओर एवलांच बुलेटिन में चमोली जनपद को सबसे संवेदनशील बताया गया है।
भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने एवलांच वार्निंग बुलेटिन (शनिवार शाम पांच से रविवार पांच बजे तक के लिए) जारी किया है। इस बुलेटिन में उत्तरकाशी में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा स्तर–दो (येलो) दर्शाया गया है।
जनपद चमोली में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खतरा स्तर-तीन (ऑरेंज) बताया गया है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर जिलों में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हिमस्खलन खतरा स्तर-दो (येलो) बताया गया है। डीजीआरई के अनुसार इन क्षेत्रों में बर्फ की स्थिति आंशिक रूप से अस्थिर है तथा कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचे
विशेष रूप से चमोली जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम आकार के हिमस्खलन संभावित हैं। इस चेतावनी के दृष्टिगत राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संबंधित जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखें।
पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं राहत-बचाव दलों को तैयार रखें। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों, ट्रेकर्स, चरवाहों एवं स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें तथा मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
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