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Big breaking:-यहाँ औचक निरीक्षण के समय स्कूल में लगा था ताला , एबीईओ बच्चों संग गेट फांदकर भीतर गयीं ,खुद पढ़ाने लगी बच्चों को

उधमसिंहनगर जिले में औचक निरीक्षण में स्कूल गेट पर ताले और शिक्षक का इंतजार करते खड़े बच्चे मिले तो उप खंड शिक्षा अधिकारी (एबीईओ) ने खुद ही उन्हें पढ़ाना शुरू कर दिया। काफी देर सड़क पर बैठे पढ़ाने के बाद भी स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे, तो एबीईओ बच्चों संग गेट फांदकर भीतर गयीं।
मामले में शिक्षक का वेतन काटने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। दो दिन पहले ही जिले के सभी प्राइमरी स्कूल खुल चुके हैं। एबीईओ गीतिका जोशी शुक्रवार सुबह आठ बजे निरीक्षण के लिये प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर पहुंचीं, लेकिन स्कूल बंद मिला।

स्कूल में पंजीकृत सभी 30 बच्चे सड़क पर खड़े थे। इस पर एबीईओ ने गेट के बाहर सड़क पर ही बैठकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी जब शिक्षक नहीं पहुंचे तो एबीईओ के साथ ही बच्चे गेट फांदकर स्कूल के अंदर दाखिल हुए।

 

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कई छोटे बच्चों को एबीईओ ने खुद गोद में उठाकर गेट के भीतर पहुंचाया। भीतर स्कूल का एक कमरा खुला पड़ा था। एबीईओ ने इसी कमरे में सभी बच्चों को बिठाकर अवकाश के निर्धारित समय 11 बजे तक कक्षाएं संचालित कीं। स्कूल की छुट्टी होने तक भी शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे थे। एबीईओ ने बताया कि मामले में शिक्षक का वेतन काटने के निर्देश दिये गये हैं।

एबीईओ ने खुद की सफाई
काशीपुर। जब बच्चे स्कूल के अंदर पहुंचे तो एक कमरा खुला हुआ था। लेकिन, कमरे में फर्नीचर अस्त-व्यस्त होने के साथ ही मेज-कुर्सियों पर धूल जमी थी। इस पर एबीईओ ने खुद सभी मेज कुर्सियों को व्यवस्थित करके रखा और सफाई के बाद ही बच्चों को बैठाया। अधिकतर बच्चों के पास मास्क नहीं होने के कारण उन्होंने बाहर से मास्क मंगवाये और बच्चों को बांटे। बच्चों को हिदायत दी कि वे मास्क पहनकर ही स्कूल आयें

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बच्चे बोले-गेट कूदकर ही जाते हैं अंदर
स्कूल पहुंचे बच्चों ने एबीईओ को बताया कि उनका स्कूल अकसर देरी से ही खुलता है। बच्चों का कहना था कि वे लगभग हर रोज ही इसी तरह गेट फांदकर भीतर जाते हैं। स्कूल के देरी से खुलने के कारण ही स्कूल का एक कमरा खुला रखा जाता है, ताकि बच्चे शिक्षक के आने तक वहां बैठे रहें।

स्कूल में एक ही शिक्षक तैनात
विभागीय जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में पहले दो शिक्षक थे। एक शिक्षक का अप्रैल में पदोन्नति हुयी, जिसके बाद वह दूसरे स्कूल में चले गये हैं। अब यहां एक ही शिक्षक तैनात हैं। बताया जा रहा है कि शुकवार को यह शिक्षक एमडीएम के खाते खुलवाने और विभागीय कार्यों के लिये गये थे।

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स्कूल में मैं एकमात्र शिक्षक हूं। सीआरसी में बैठक और एमडीएम के बैंक खाते खुलवाने की अंतिम तिथि होने के कारण मुझे जाना पड़ा। स्कूल में एक और शिक्षक की डिमांड की जा चुकी है।
हरनाम सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रावि. सीतारामपुर

अभी दो दिन स्कूल खुले हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षक का ना आना और स्कूल बंद होना घोर लापरवाही है। शिक्षक का वेतन काटने के साथ ही  अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गीतिका जोशी, एबीईओ, काशीपुर

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