UTTRAKHAND NEWS

Big breaking :-विधानसभा भर्ती – अब यें LIST हुई सोशल मीडिया मे वायरल राज्य गठन से अब तक सबने लगाए अपने करीबी और रिश्तेदार, देखिए और खुद समझ जाए

Ad

 

उत्तराखंड मे विधानसभा मे भर्ती क़ो लेकर सवाल खडे उठ रहें हैं सवाल विधानसभा अध्यक्षों पर भी है की आखिरकार तमाम नियमों क़ो ताक पर रखकर अपनों क़ो नौकारियां बाटना कहा तक जायज हैं वो भी उत्तराखंड जैसे राज्य मे जहाँ बेराजगारी का आलम चरम पर हैं

-उत्तराखंड मे अब राज्य गठन से अभी तक विधानसभा मे हुई नियुक्तियों पर सवाल खडे उठ रहें हैं अब तो एक ऐसी सूची सामने आई हैं जिसमे साफ हो गया हैं कि अपनों क़ो नौकरी दिलाने के मामले मे कोई पीछे नहीं रहा क्या पूर्व मंत्री क्या पूर्व मुख्यमंत्री क्या पूर्व विधानसभा अध्यक्ष क्या कांग्रेस, क्या बीजेपी और क्या यू के डी के नेता सभी ने जमकर विधानसभा मे लोगो क़ो नौकरियो की रेवड़ी बांटी अब सवाल खडे उठ रहें हैं वही चाहे विधानसभा अध्यक्ष रहें नेता तो सीना ठोक कर कह रहें हैं हाँ लगाए हैं रिश्तेदार जैसे कह रहें हो जो कर सकते हो कर लो

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द कुंजवाल बोले-हां मैंने बेटे-बहू को नौकरी पर लगाया, हर कुंजवाल मेरा रिश्तेदार नहींं पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि मेरा बेटा बेरोजगार था, मेरी बहू बेरोजगार थी, दोनों पढ़े-लिखे थे। अगर डेढ़ सौ से अधिक लोगों में मैंने अपने परिवार के दो लोगों को नौकरी दे दी तो कौन सा पाप किया।उत्तराखंड विधानसभा में हुई भर्तियों के मामले में पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के साथ गोविंद सिंह कुंजवाल के कार्यकाल में हुई भर्तियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। दोनों के कार्यकाल के दौरान विधानसभा में नियुक्ति पाए लोगों की सूची इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल का कहना है कि उन्हें यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बेटे और बहू को विधानसभा में उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी पर लगाया।

 

वही ऐसे ही बयान प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम अग्रवाल भी दें रहें हैं वो कहते हैं हाँ मैंने लगाए अपने लोग मंत्रियो के पी आर ओ और तमाम नियुक्ति क़ो वो जायज भी ठहरा रहें हैं लेकिन सवाल यें हैं की विधानसभा मे मिलने वाली नौकरी कब तदर्थ से परमानेंट हो जाती हैं कोई नहीं जानता ऐसे मे आम बेरोजगारों का हक मारकर नेताओं के रिश्तेदारों क़ो रेवाड़ बाटना कहा तक जायज हैं

-बहरहाल अब बाहर आई सूची ने साफ कर दिया चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस अपनों क़ो विधानसभा मे नौकरी दिलाने के इस खेल मे सभी बराबर के शामिल हैं

Ad

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 न्यूज़ हाइट के समाचार ग्रुप (WhatsApp) से जुड़ें

👉 न्यूज़ हाइट से टेलीग्राम (Telegram) पर जुड़ें

👉 न्यूज़ हाइट के फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 गूगल न्यूज़ ऐप पर फॉलो करें


अपने क्षेत्र की ख़बरें पाने के लिए हमारी इन वैबसाइट्स से भी जुड़ें -

👉 www.thetruefact.com

👉 www.thekhabarnamaindia.com

👉 www.gairsainlive.com

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

To Top