UTTRAKHAND NEWS

Big breaking:-तो क्या कांग्रेस से दलित मुख्यमंत्री बनने का सपना तो नहीं देख रहे यशपाल आर्य , हरीश और प्रीतम कह चुके है दलित सीएम की बात

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड में दलित मुख्यमंत्री बनता देखना चाहते हैं यह बात उन्होंने पंजाब में चन्नी मंत्रिमंडल के गठन के बाद कही थी वही ऐसी ही बात नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भी कही तो क्या यह दोनों नेता अपनी सीएम बनने की ख्वाहिश को दबाकर किसी दलित नेता को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट  करेंगे

 

भाजपा में साढ़े चार साल गुजारने के बाद ऐन विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की घरवापसी के कई सियासी निहितार्थ हैं। माना जा रहा है कि आर्य ने मुख्यमंत्री बनने के सपने के साथ कांग्रेस में घरवापसी की है। हालांकि आर्य का कहना है कि वह भाजपा में असहज थे और वह पार्टी की विचारधारा से तालमेल नहीं बिठा पा रहे थे।सियासी जानकारों का कहना है कि यशपाल आर्य की राजनीतिक महत्वाकांक्षा उन्हें कांग्रेस में ले आई। आर्य प्रदेश के उन गिने चुने कद्दावर नेताओं में से हैं, जो संगठन और सरकार में तकरीबन सभी बड़े ओहदों पर रह चुके हैं। अपने चार दशक के राजनीतिक जीवन में आर्य सात साल तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे। कांग्रेस सरकार में इंदिरा हृदयेश के बाद दूसरे वरिष्ठ मंत्री थे। विधानसभा अध्यक्ष से लेकर कैबिनेट मंत्री तक रहे। भाजपा सरकार में वह समाज कल्याण व परिवहन मंत्री रहे और बाद में धामी सरकार में आबकारी मंत्रालय भी मिला।

 

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं का टर्म-1 परीक्षा की डेटशीट की जारी

राजनीतिक समीक्षकों के मुताबिक, चुनाव से ठीक पहले उनके भाजपा छोड़ने की तीन प्रमुख वजह बताई जा रही हैं। पहली, आर्य को यह एहसास हो चुका है कि तराई में भाजपा के लिए चुनाव उतना सहज नहीं रहेगा। दूसरी, वह उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, सक्रिय राजनीति में उनके पास पांच से 10 साल का ही करियर है।कांग्रेस में दलित चेहरे के तौर पर वह एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-उत्तराखंड में अब कोविड कर्फ्यू की जगह कोविड प्रतिबंध लागू , सरकार ने दी बड़ी राहत

कहा जा रहा है कि भाजपा में रहकर आर्य शायद ही कभी मुख्यमंत्री बन पाते। कांग्रेस में दलित चेहरे के तौर पर वह एक मजबूत विकल्प हो सकते हैं। पिछले दिनों कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार हरीश रावत ने भी बयान दिया था कि वह उत्तराखंड में शिल्पकार के बेटे को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। आर्य की घरवापसी को अब रावत के उस बयान से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें👉  Big breaking:-भारी बरसात बर्फबारी के बीच चारधाम यात्रियों के लिए क्या हो पाई व्यवस्था , पूरे यात्रा रूट में हजारों यात्री

 

Ad
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top