अंकिता हत्याकांड: सीएम धामी बोले, संवेदनशीलता के साथ निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के लिए सरकार संकल्पबद्ध
वर्ष 2022 में बहन अंकिता के साथ हुई दुखद व हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में प्रदेश सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी संवेदनशीलता के साथ संकल्पबद्ध रहेगी।
सीएम ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध व उनकी भावनाओं के अनुरूप अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी व संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।
वर्ष 2022 में बहन अंकिता के साथ हुई दुखद व हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। प्रकरण से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ न्यायालय में सरकार ने प्रभावी ढंग से पैरवी की। इसका परिणाम रहा कि विवेचना के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। एसआईटी की गहन विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो पर अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई है जिसकी जांच जारी है। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। वायरल ऑडियो से कुछ लोगों ने राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश में भ्रम की स्थिति पैदा की। यही कारण है कि सरकार ने प्रदेश की जनता को भ्रम से बाहर निकालने व उनकी भावनाओं व अंकिता के माता-पिता के आग्रह पर प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की है।
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