अंकिता भंडारी केस: आज उत्तराखंड बंद…दिखा मिला जुला असर, सिटिंग जज की निगरानी में CBI जांच की मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का नाम उजागर करने के लिए विपक्षी पार्टियां और तमाम सामाजिक संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार ने इसकी संस्तुति कर दी है, लेकिन संगठन सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं। इसलिए आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है।
विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की मांग को लेकर आज उत्तराखंड बंद किया है। सुबह से ही कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही बंद है। कहीं पर दुकानें बंद हैं। इसका प्रदेशभर में मिला जुला असर देखने को मिला।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, यह राज्य की अस्मिता से जुड़ा सवाल है। इसके पक्ष में खुलकर सामने आने की जरूरत है। बंद का सभी लोग समर्थन करें। बंद शांतिपूर्वक करें और कानून को हाथ में न ले। महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा, सरकार सीबीआई जांच के बिंदु स्पष्ट करे, ऐसी जांच हो जिसमें वीआईपी का खुलासा हो। यह लड़ाई अंकिता के साथ ही राज्य की बेटियों की लड़ाई है।
मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा, अंकिता की हत्या केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वाभिमान पर हमला है। सभी संगठनों ने एक स्वर में स्पष्ट किया है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उत्तराखंड बंद को सफल बनाने में सभी लोग अपनी महत्वपूर्ण और जिम्मेदार भूमिका निभाएं। उक्रांद ने भी बंद को समर्थन दिया है।
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