UTTRAKHAND NEWS

Big breaking :-2022 के सामूहिक नेतृत्व वाले तमाम नेता साइडलाइन, नए चेहरों पर दाँव से क्या होगी कांग्रेस की नैया पार

कांग्रेस आलाकमान ने  उत्तराखंड कांग्रेस को नया नेतृत्व दें दिया हैं ऐसे में जो नाम सामने आए हैं उससे लगता हैं कांग्रेस आलाकमान ने 2022 चुनाव  के तमाम सामूहिक नेतृत्व वालों को तरजीह ना देते हुए नए चेहरो पर दाँव लगाना मुनासिब समझा  हरीश रावत तो इन पदों की दौड़ में थे ही नहीं लेकिन प्रीतम सिंह  और गणेश  गोदियाल के अरमानो पर  भी  अलाकमान ने पानी फेर दिया कांग्रेसी तो मानकर  चल  रहें थे  की अगर  अध्यक्ष गणेश  गोदियाल को नहीं भी  बनाया  तो नेता प्रतिपक्ष  तो प्रीतम सिंह  ही बनेंगे  लेकिन पार्टी ने 2017 में बगावत  करके  बीजेपी में जाने वाले और 2012 के चुनाव  से ठीक  पहले  वापस आने  वाले यशपाल  को प्रीतम पर  तरजीह  दी

 

 

इससे  साफ  हो गया की पार्टी ने चुनाव  में हार  की जितनी जिम्मेदारी हरीश  रावत  की मानी उतनी ही प्रीतम सिंह  और गणेश  गोदियाल की भी  मानी वैसे  भी  हरीश रावत के खिलाफ प्रीतम खेमे ने भी मोर्चा खोला हुआ था और गुटों की लड़ाई में कांग्रेस का बंटा धार हो गाया

 

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वही  कांग्रेस ने इस बार  कार्यकारी अध्यक्ष  का फार्मूला भी  ड्राप कर  दिया लगता  हैं कांग्रेस समझ गई  इससे  भी  कोई फायदा नहीं हुआ

 

साफ  है उत्तराखंड कांग्रेस में कुमाऊं का दबदबा बढ़ा है। ऐन चुनाव से पहले कांग्रेस में गए भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य के नाम का एलान नेता प्रतिपक्ष के तौर पर किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खटीमा में शिकस्त देने वाले विधायक भुवन कापड़ी सदन में उप नेता प्रतिपक्ष होंगे। इसके अलावा हाईकमान ने पूर्व विधायक करण माहरा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। तीनों नियुक्तियों की घोषणा चुनावी नतीजे आने के लगभग एक माह बाद की गई है।

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रविवार देर शाम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से इन नियुक्तियों का पत्र जारी किया गया। खास बात यह रही कि कांग्रेस के तीनों ही महत्वपूर्ण पद कुमाऊं की झोली में आ गए हैं। विधानमंडल दल के नेता की कमान जहां वरिष्ठतम विधायक यशपाल आर्य को सौंपी गई है। वहीं, सदन से सड़क तक मोर्चा लेने के लिए युवाओं को तरजीह दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कुमाऊं की रानीखेत विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे करण माहरा को कमान सौंपी गई है। खटीमा विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे भुवन चंद्र कापड़ी को उप नेता प्रतिपक्ष की कमान देकर युवाओं की दूसरी पांत को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने वाले करण माहरा इस बार चुनाव हार गए थे। लेकिन पिछली विधानसभा में वह उप नेता प्रतिपक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं।

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विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित नतीजे न दिला पाने की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गणेश गोदियाल ने कांग्रेस आला कमान के निर्देश पर 15 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से यह पद खाली चल रहा था। वहीं चकराता से विधायक प्रीतम सिंह पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके साथ उपनेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी करण माहरा तो दी गई थी।

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